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Republic Day Independence Day (India)

भारतीय सेना, वीरों, बच्चों के लिए देश प्रेम पर छोटी कविता

Deshbhakti Poem in Hindi
Written by Himanshu Grewal

नमस्ते, 10Lines.co में आज हम देश भक्ति पर आधारित कविता अर्थात “in English, Deshbhakti Poem in Hindi” के विषय के ऊपर चर्चा करने जा रहे हैं। तो लेख को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ें और देश प्रेम पर छोटी कविता, देश प्रेम भक्ति कविता की चार पंक्तियां, सैनिकों पर हिंदी में देशभक्ति कविता, देश के सिपाही पर कविता और जोश भर देने वाली देशभक्ति कविता का उपयोग आने वाले 26 जनवरी और 15 अगस्त के दिन करें।

DeshBhakti Poem in Hindi 2022

देश भक्ति की भावना हर देशवासी के दिल में होनी आवश्यक है, आइए आज इस लेख के माध्यम से हम देश भक्ति कविता (Desh Bhakti Kavita) पढ़ते है और सभी भारतवासियों के लिए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं शेयर करते हैं। यहां पर जितनी भी Desh Prem Kavita है वो किसी प्रसिद्ध कवी के द्वारा लिखी गई है, शायद आपने इन देश भक्ति पोएम को अपने स्कूल के दिनों में पढ़ा भी होगा।

हर देश के निवासी के दिल में उसके देश के प्रति प्रेम की भावना होती है, लेकिन हमारे भारत देश के निवासियों में यह भावना कूट कूट के भरी है और इसी तरह से यह हमारे देश को महान बनाता है। आप खुशनसीब है कि आपने भारत वर्ष में जन्म लिया है और आपको इस बात का गर्व भी होना चाहिए क्योंकि मैंने ऐसा सुना है कि भारत की पवित्र भूमि पर देवता भी जन्म लेने को तरसते है।

अगर आप भी एक देश भक्त इंसान है तो यकीनन ही आपके दिल में आपके देश के लिए बहुत प्रेम होगा और देश की आन, बान और शान के लिए आप अपने प्राणों को न्योछावर करने के लिए हमेशा तैयार रहते होंगे।

चलिए, आज स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हम फिर से कुछ छोटी देशभक्ति कविताएँ को पढ़ते हैं।

Desh Bhakti Poem in Hindi 4 Lines

इस दुनिया में बहुत सारे देश है और हर देश का अपना अलग अस्तित्व और बोली तथा भाषा है। हमारे देश की बात करें तो इस देश में वीर जवानों की कोई कमी नहीं है। यहां पर सदियों से ऐसे वीर पैदा होते आए है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति हंसते-हंसते दे दी है और इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखाया है।‌ वर्तमान में भी हमारे देश में ऐसे कई युवा है जो राष्ट्र के आग्रह पर दुश्मनों का खात्मा करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।


Deshbhakti Kavita: मेरा देश महान है, मेरा भारत महान है

भारतीय तिरंगे का गीत

हरी भरी धरती हो
नीला आसमान रहे
फहराता तिरँगा,
चाँद तारों के समान रहे।
त्याग शूर वीरता
महानता का मंत्र है
मेरा यह देश
एक अभिनव गणतंत्र है

शांति अमन चैन रहे,
खुशहाली छाये
बच्चों को बूढों को
सबको हर्षाये

हम सबके चेहरो पर

फैली मुस्कान रहे
फहराता तिरँगा चाँद
तारों के समान रहे।

- कमलेश कुमार दीवान

देशभक्ति नारे और स्लोगन


Desh Bhakti Kavita in Hindi

देश भक्ति पर छोटी कविता प्यारा हिंदुस्तान है।

अमरपुरी से भी बढ़कर के जिसका गौरव-गान है-
तीन लोक से न्यारा अपना प्यारा हिंदुस्तान है।
गंगा, यमुना सरस्वती से सिंचित जो गत-क्लेश है।
सजला, सफला, शस्य-श्यामला जिसकी धरा विशेष है।
ज्ञान-रश्मि जिसने बिखेर कर किया विश्व-कल्याण है-
सतत-सत्य-रत, धर्म-प्राण वह अपना भारत देश है।

यहीं मिला आकार ‘ज्ञेय’ को मिली नई सौग़ात है-
इसके ‘दर्शन’ का प्रकाश ही युग के लिए विहान है।

वेदों के मंत्रों से गुंजित स्वर जिसका निर्भ्रांत है।
प्रज्ञा की गरिमा से दीपित जग-जीवन अक्लांत है।

अंधकार में डूबी संसृति को दी जिसने दृष्टि है-
तपोभूमि वह जहाँ कर्म की सरिता बहती शांत है।
इसकी संस्कृति शुभ्र, न आक्षेपों से धूमिल कभी हुई-
अति उदात्त आदर्शों की निधियों से यह धनवान है।।

योग-भोग के बीच बना संतुलन जहाँ निष्काम है।
जिस धरती की आध्यात्मिकता, का शुचि रूप ललाम है।
निस्पृह स्वर गीता-गायक के गूँज रहें अब भी जहाँ-
कोटि-कोटि उस जन्मभूमि को श्रद्धावनत प्रणाम है।
यहाँ नीति-निर्देशक तत्वों की सत्ता महनीय है-
ऋषि-मुनियों का देश अमर यह भारतवर्ष महान है।

क्षमा, दया, धृति के पोषण का इसी भूमि को श्रेय है।
सात्विकता की मूर्ति मनोरम इसकी गाथा गेय है।
बल-विक्रम का सिंधु कि जिसके चरणों पर है लोटता-
स्वर्गादपि गरीयसी जननी अपराजिता अजेय है।
समता, ममता और एकता का पावन उद्गम यह है
देवोपम जन-जन है इसका हर पत्थर भगवान है।

- डॉ. गणेशदत्त सारस्वत


Deshbhakti Poem in Hindi Class 10

जय जय प्यारा, जग से न्यारा,
शोभित सारा, देश हमारा,
जगत-मुकुट, जगदीश दुलारा
जग-सौभाग्य सुदेश!
जय जय प्यारा भारत देश।

प्यारा देश, जय देशेश,
जय अशेष, सदस्य विशेष,
जहाँ न संभव अध का लेश,
केवल पुण्य प्रवेश।
जय जय प्यारा भारत देश।

स्वर्गिक शीश-फूल पृथ्वी का,
प्रेम मूल, प्रिय लोकत्रयी का,
सुललित प्रकृति नटी का टीका
ज्यों निशि का राकेश।

जय जय प्यारा भारत देश।

जय जय शुभ्र हिमाचल शृंगा
कलरव-निरत कलोलिनी गंगा
भानु प्रताप-चमत्कृत अंगा,
तेज पुंज तपवेश।
जय जय प्यारा भारत देश।

जगमें कोटि-कोटि जुग जीवें,
जीवन-सुलभ अमी-रस पीवे,
सुखद वितान सुकृत का सीवे,
रहे स्वतंत्र हमेश
जय जय प्यारा भारत देश।

- श्रीधर पाठक


Easy Desh Bhakti Poem in Hindi

आजादी का दीप

grammarly
14 अगस्त की शाम लिखा मैने
क्या आजादी का दीप जलेगा कभी
जो जले थे कभी वो भी बुझ गए
अगर सरकारें करती रहीं मक्कारी
तो न सुधरेगी जनता की बदहाली
ऐसे मे आजादी का दीप जलेगा कभी
कब तक लुटेगी बेटी की आबरु
क्या न मिलेंगी बेटी को आजादी
ऐसे मे आजादी का दीप जलेगा कभी
कब तक रहेगी अब बेरोजगारी
क्या अब न मिटेगी गरीबी कभी
ऐसे मे आजादी का दीप जलेगा कभी

– राम राज कुशवाहा

Rabindranath Tagore Poems in Hindi

(विपदाओं से रक्षा करो- यह न मेरी प्रार्थना)

विपदाओं से रक्षा करो – यह न मेरी प्रार्थना,
यह करो : विपद् में न हो भय।
दुख से व्यथित मन को मेरे
भले न हो सांत्वना,
यह करो : दुख पर मिले विजय।
मिल सके न यदि सहारा,
अपना बल न करे किनारा;-
क्षति ही क्षति मिले जगत् में
मिले केवल वंचना,
मन में जगत् में न लगे क्षय।
करो तुम्हीं त्राण मेरा-
यह न मेरी प्रार्थना,
तरण शक्ति रहे अनामय।
भार भले कम न करो,
भले न दो सांत्वना,
यह करो : ढो सकूँ भार-वय।
सिर नवाकर झेलूँगा सुख,
पहचानूँगा तुम्हारा मुख,
मगर दुख-निशा में सारा
जग करे जब वंचना,
यह करो : तुममें न हो संशय।

–रबिन्द्रनाथ टैगोर

पूरा विवरण यहाँ पढ़ें
Patriotic Poems in Hindi

Desh Bhakti Kavita in Hindi 2022

आज जीत की रात
पहरुए! सावधान रहना

खुले देश के द्वार
अचल दीपक समान रहना

२

प्रथम चरण है नये स्वर्ग का
है मंज़िल का छोर
इस जन-मंथन से उठ आई
पहली रत्न-हिलोर
अभी शेष है पूरी होना
जीवन-मुक्ता-डोर
क्यों कि नहीं मिट पाई दुख की
विगत साँवली कोर
ले युग की पतवार
बने अंबुधि समान रहना।

३

विषम शृंखलाएँ टूटी हैं
खुली समस्त दिशाएँ
आज प्रभंजन बनकर चलतीं

युग-बंदिनी हवाएँ
प्रश्नचिह्न बन खड़ी हो गयीं
यह सिमटी सीमाएँ
आज पुराने सिंहासन की
टूट रही प्रतिमाएँ
उठता है तूफान, इंदु! तुम
दीप्तिमान रहना।

४

ऊंची हुई मशाल हमारी
आगे कठिन डगर है
शत्रु हट गया, लेकिन उसकी
छायाओं का डर है
शोषण से है मृत समाज
कमज़ोर हमारा घर है
किन्तु आ रहा नई ज़िन्दगी
यह विश्वास अमर है
जन-गंगा में ज्वार,

लहर तुम प्रवहमान रहना
पहरुए! सावधान रहना।।

- गिरिजाकुमार माथुर

Poem on Desh Bhakti in Hindi

अहद (साग़र निज़ामी)

जब तिलाई रंग सिक्कों को
जब मेरी गै़रत को दौलत से लड़ाया जाएगा,
जब रंगे इफ़लास को मेरी दबाया जाएगा,
ऐ वतन! उस वक़्त भी मैं तेरे नग़्मे गाऊंगा।
और अपने पांव से अंबारे-ज़र ठुकराऊंगा!

जब मुझे पेड़ों से उरियां करके बांधा जाएगा,
गर्म आहन से मेरे होठों को दाग़ा जाएगा,
जब दहकती आग पर मुझको लिटाया जाएगा,
ऐ वतन! उस वक़्त भी मैं तेरे नग़्मे गाऊंगा।
तेरे नग़्मे गाऊंगा और आग पर सो जाऊंगा!

ऐ वतन! जब तुझ पे दुश्मन गोलियां बरसाएंगे,
सुखऱ् बादल जब फ़ज़ाओं पे तेरी छा जाएंगे,
जब समंदर आग के बुर्जों से टक्कर खाएंगे,
ऐ वतन! उस वक़्त भी मैं तेरे नग़्मे गाऊंगा।
तेग़ की झंकार बनकर मिस्ले तूफ़ां आऊंगा!

गोलियां चारों तरफ़ से घेर लेंगी जब मुझे,
और तनहा छोड़ देगा जब मेरा मरकब मुझे,
और संगीनों पे चाहेंगे उठाना सब मुझे,
ऐ वतन! उस वक़्त भी मैं तेरे नग़्मे गाऊंगा।
मरते-मरते इक तमाशा-ए-वफ़ा बन जाऊंगा!

खून से रंगीन हो जाएगी जब तेरी बहार,
सामने होंगी मेरे जब सर्द लाशें बेशुमार,
जब मेरे बाजू पे सर आकर गिरेंगे बार-बार,
ऐ वतन! उस वक़्त भी मैं तेरे नग़्मे गाऊंगा।
और दुश्मन की सफ़ों पर बिजलियां बरसाऊंगा!

जब दरे-जिंदां खुलेगा बरमला मेरे लिए,
इंतक़ामी जब सज़ा होगी रवा मेरे लिए,
हर नफ़स जब होगा पैग़ामे क़ज़ा मेरे लिए,
ऐ वतन! उस वक़्त भी मैं तेरे नग़्मे गाऊंगा।
बादाकश हूं, ज़हर की तल्ख़ी से क्या घबराऊंगा!

हुक्म आखि़र क़त्लगह में जब सुनाया जाएगा,
जब मुझे फांसी के तख़्ते पर चढ़ाया जाएगा,
जब यकायक तख़्ता-ए-ख़ूनी हटाया जाएगा।
ऐ वतन! उस वक़्त भी मैं तेरे नग़्मे गाऊंगा।
अहद करता हूं कि मैं तुझ पर फ़िदा हो जाऊंगा!


Deshbhakti Kavita in Hindi

नौजवान आओ रे, नौजवान गाओ रे ।।
लो क़दम बढ़ाओ रे, लो क़दम मिलाओ रे ।।
ऐ वतन के नौजवान, इक चमन के बागवान ।
एक साथ बढ़ चलो, मुश्किलों से लड़ चलो ।
इस महान देश को नया बनाओ रे ।।
नौजवान

धर्म की दुहाइयाँ, प्रांत की जुदाइयाँ ।
भाषा की लड़ाइयाँ, पाट दो ये खाइयाँ ।
एक माँ के लाल, एक निशां उठाओ रे ।।
नौजवान

एक बनो नेक बनो, ख़ुद की भाग्य रेखा बनो ।
सर्वोदय के तुम हो लाल, तुमसे यह जग निहाल ।
शांति के लिए जहाँ को तुम जगाओ रे ।।
नौजवान

माँ निहारती तुम्हें, माँ पुकारती तुम्हें ।
श्रम के गीत गाते जाओ, हँसते मुस्कराते जाओ ।
कोटि कण्ठ एकता के गान गाओ रे ।।
नौजवान

Patriotic Poem in Hindi

आज तिरंगा फहराता है अपनी पूरी शान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
आज़ादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी।
लाखों लोगों ने प्राणों से कीमत बड़ी चुकाई थी।।
व्यापारी बनकर आए और छल से हम पर राज किया।
हमको आपस में लड़वाने की नीति अपनाई थी।।

हमने अपना गौरव पाया, अपने स्वाभिमान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

गांधी, तिलक, सुभाष, जवाहर का प्यारा यह देश है।
जियो और जीने दो का सबको देता संदेश है।।
प्रहरी बनकर खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वार पर।
हिंद महासागर दक्षिण में इसके लिए विशेष है।।

लगी गूँजने दसों दिशाएँ वीरों के यशगान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

हमें हमारी मातृभूमि से इतना मिला दुलार है।
उसके आँचल की छैयाँ से छोटा ये संसार है।।
हम न कभी हिंसा के आगे अपना शीश झुकाएँगे।
सच पूछो तो पूरा विश्व हमारा ही परिवार है।।

विश्वशांति की चली हवाएँ अपने हिंदुस्तान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।

- सजीवन मयंक

Desh Bhakti Poems in Hindi by Harivansh Rai Bachchan

आज से आजाद अपना देश फिर से!

ध्यान बापू का प्रथम मैंने किया है,
क्योंकि मुर्दों में उन्होंने भर दिया है
नव्य जीवन का नया उन्मेष फिर से!
आज से आजाद अपना देश फिर से!

दासता की रात में जो खो गये थे,
भूल अपना पंथ, अपने को गये थे,
वे लगे पहचानने निज वेश फिर से!
आज से आजाद अपना देश फिर से!

स्वप्न जो लेकर चले उतरा अधूरा,
एक दिन होगा, मुझे विश्वास, पूरा,
शेष से मिल जाएगा अवशेष फिर से!
आज से आजाद अपना देश फिर से!

देश तो क्या, एक दुनिया चाहते हम,
आज बँट-बँट कर मनुज की जाति निर्मम,
विश्व हमसे ले नया संदेश फिर से!
आज से आजाद अपना देश फिर से!

–हरिवंशराय बच्चन

देश प्रेम पर छोटी कविता 2022: झंडा ऊँचा रहे हमारा

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
सदा शक्ति बरसाने वाला,
प्रेम सुधा सरसाने वाला
वीरों को हरषाने वाला
मातृभूमि का तन-मन सारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

स्वतंत्रता के भीषण रण में,
लखकर जोश बढ़े क्षण-क्षण में,
काँपे शत्रु देखकर मन में,
मिट जावे भय संकट सारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

इस झंडे के नीचे निर्भय,
हो स्वराज जनता का निश्चय,
बोलो भारत माता की जय,
स्वतंत्रता ही ध्येय हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

आओ प्यारे वीरों आओ,
देश-जाति पर बलि-बलि जाओ,
एक साथ सब मिलकर गाओ,
प्यारा भारत देश हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

इसकी शान न जाने पावे,
चाहे जान भले ही जावे,
विश्व-विजय करके दिखलावे,
तब होवे प्रण-पूर्ण हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
– श्यामलाल गुप्त पार्षद

छोटे बच्चों के लिए देशभक्ति कविता सारे जहाँ से अच्छा

सारे जहाँ से अच्छा
हिंदुस्तान हमारा
हम बुलबुलें हैं उसकी
वो गुलसिताँ हमारा।
परबत वो सबसे ऊँचा
हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा
वो पासबाँ हमारा।

गोदी में खेलती हैं
जिसकी हज़ारों नदियाँ
गुलशन है जिनके दम से
रश्क-ए-जिनाँ हमारा।

मज़हब नहीं सिखाता
आपस में बैर रखना
हिंदी हैं हम वतन है
हिंदुस्तान हमारा।

– मुहम्मद इक़बाल

Desh Bhakti Short Poem in Hindi

जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा
वो भारत देश है मेरा
जहाँ सत्य, अहिंसा और धर्म का पग-पग लगता डेरा
वो भारत देश है मेरा

ये धरती वो जहाँ ऋषि मुनि जपते प्रभु नाम की माला
जहाँ हर बालक एक मोहन है और राधा हर एक बाला
जहाँ सूरज सबसे पहले आ कर डाले अपना फेरा
वो भारत देश है मेरा

अलबेलों की इस धरती के त्योहार भी हैं अलबेले
कहीं दीवाली की जगमग है कहीं हैं होली के मेले
जहाँ राग रंग और हँसी खुशी का चारों ओर है घेरा
वो भारत देश है मेरा

जब आसमान से बातें करते मंदिर और शिवाले
जहाँ किसी नगर में किसी द्वार पर कोई न ताला डाले
प्रेम की बंसी जहाँ बजाता है ये शाम सवेरा
वो भारत देश है मेरा

– राजेंद्र किशन

Deshbhakti Kavitaen हम होंगे कामयाब एक दिन

होंगे कामयाब,
हम होंगे कामयाब एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन।
हम चलेंगे साथ-साथ
डाल हाथों में हाथ
हम चलेंगे साथ-साथ, एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन।

होगी शांति चारों ओर, एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
होगी शांति चारों ओर एक दिन।

नहीं डर किसी का आज एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
नहीं डर किसी का आज एक दिन।

– गिरिजा कुमार माथुर

मेरे प्यारे देशभक्तों, हम सब जानते है कि अंग्रेजों ने हमारे देश पर कई वर्षो तक राज किया था। फिर हमारे देश के बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए लड़कर अपनी जान की बाजी लगाकर, अपनी जान गंवाकर इस देश को आजाद कराया था। उन्होंने अपने खून से भारत देश को आजाद कराया था। अब ये हमारा धर्म है कि हम अपने राष्ट्र की रक्षा कर अपने देश को और आगे बढ़ाये और सदैव अपने मन में देश प्रेम की भावना को जीवित रखे।


देशभक्ति पर प्रसिद्ध कविताएँ का महत्व

उस देश को कभी भी कोई नहीं झुका सकता है जिस देश में राष्ट्र भक्तों की और राष्ट्र के प्रति जान देने वालों का जमावड़ा होता है। खास तौर पर हमारे देश की यह खूबी है कि यहां पर कोई भी ऐसी शक्ति कभी भी नहीं टिक पाती जो हमारे देश को किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती है क्योंकि भारत में ना तो वीरों की कमी है ना ही देश के लिए अपनी जान देने वालों की कमी है।

देशभक्ति कविता का महत्व किसी भी राष्ट्र के लोगों के बीच अपने राष्ट्र के प्रति प्यार और सम्मान जगाने का होता है। कविता एक ऐसा माध्यम होती है जो बेजान हो चुके शरीर में भी जोश की भावना भर देती है और उसे इतनी ताकत देती है कि वह अपने देश के लिए फिर से खड़ा हो सके और सर उठा करके दुश्मन की आंखों में आंखें डाल कर के यह कह सके कि हमारे रहते हुए हमारे देश का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।

यह देश भक्ति गीत या फिर कविता का ही कमाल था कि जब चाइना के साथ भारत का युद्ध हुआ था और उस युद्ध में हमारे देश के कई सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी और उसके बाद देश मायूसी और गम के अंधेरे में खोने लगा था तो लता मंगेशकर जी के द्वारा गाए जाने वाला देश भक्ति गीत ‘ए मेरे वतन के लोगों जरा याद करो कुर्बानी’ के कारण ही फिर से देश के लोगों में जोश और जुनून पैदा हुआ था और देश के सैनिकों में भी आत्मसम्मान की भावना फिर से प्रबल हुई थी और सब ने मिलकर के फिर से एक साथ यह प्रण किया था कि हम किसी भी हाल में चाइना की गुलामी बर्दाश्त नहीं करेंगे, ना ही किसी को भी अपनी प्यारी मातृभूमि पर कब्जा करने का दुस्साहस करने लगे देंगे।

(OFFICIAL SONG) ऐ मेरे वतन के लोगों जरा याद करो कुर्बानी /Aye Mere Watan Ke Logo

देशभक्ति कविता हिंदी में कैसे लिखें?

देशभक्ति कविता से हमारा तात्पर्य है एक ऐसी कविता जिसे पढ़ने के बाद हमारे नस-नस में जोश की बिजली दौड़ पड़े और हमारे भीतर अपने देश के प्रति प्यार और सम्मान की भावना प्रबल हो। अगर आप देश भक्ति पर आधारित कविता लिखना चाहते हैं तो उसमें आपको कुछ देशभक्ति के शब्दों का इस्तेमाल अवश्य करना चाहिए क्योंकि बिना देश भक्ति की कविता में जोश और उमंग लाए देश भक्ति कविता का कोई भी महत्व नहीं होता है। नीचे हम आपको कुछ ऐसे शब्द दे रहे है जिन्हें आप देश भक्ति की कविता लिखने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • »» वतन, सरजमी, मिट्टी, जोश, उमंग, वीर, शहीद, जवान, तिरंगा, भारत, हिंदुस्तान, जिंदाबाद, बिजली, खून, लहू, आजादी, देश, प्यारा, जहान, हिम्मत, दिलेरी, साहस, जाबाजी।

देशभक्ति कविताएं कब सुननी चाहिए?

वैसे तो यह बात हम सब अच्छी तरह से जानते है कि, हर भारतवासी अपने देश के प्रति ईमानदार है और उसके अंदर अपने देश के प्रति वफादारी कूट-कूट कर भरी हुई है परंतु जब बात आती है देशभक्ति कविताएं सुनाने की तो यह तब और भी ज्यादा मजा देती है जब कोई स्पेशल फंक्शन या फिर पर्व होता है।

भारत में अधिकतर देशभक्ति की कविताएं 15 अगस्त के दिन सुनाई जाती हैं या फिर 26 जनवरी के दिन सुनाई जाती है। इसके अलावा स्कूल में देशभक्ति के ऊपर आधारित किसी कार्यक्रम में भी आप देशभक्ति की कविताएं सुना सकते है अथवा ऐसे हर सेमिनार, संगोष्ठी और सभा में आप Desh Bhakti Poem सुना सकते है जो किसी ना किसी प्रकार से देश भक्ति के ऊपर आधारित हो। आप चाहे तो कवि सम्मेलन में भी छोटे बच्चों के लिए देशभक्ति कविता सुना सकते हैं।


देश सेवा का महत्व निबंध में निहित लेखक के विचारों को स्पष्ट कीजिए

अब मैं आपको लोगों को देशभक्त बनने के लिए जागरूक कैसे करें उस बारें में बताऊंगा।

वैसे तो हर भारतवासी देशभक्त है परंतु अगर आप लोगों को और ज्यादा देशभक्त बनाना चाहते है तो नीचे कुछ उपाय आपको दिए जा रहे है जिसे आप इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • आप देशभक्ति के ऊपर आधारित देश प्रेम पर छोटी कविता की वीडियो बनाकर के यूट्यूब पर अपलोड कर सकते है और उसके जरिए लोगों के अंदर देशभक्ति की भावना लाने का प्रयास कर सकते हैं।
  • फिल्म निर्माता अपनी फिल्म के जरिए देश भक्ति के ऊपर फिल्म बनाकर के दिखा सकते है ताकि लोगों के अंदर देशप्रेम की भावना पैदा हो।
  • जिन वीरों ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी है आप उनके पोस्टर या फिर पुतले अपने घर पर या फिर चौराहे पर लगवा सकते है ताकि आने जाने वाले हर व्यक्ति को उनके बारे में जानकारी हासिल हो।
  • लोगों के अंदर देशभक्ति पैदा करने के लिए आप जब भी किसी से मिले तो उसके साथ जय हिंद करके अपनी बात की शुरुआत करें।
  • स्कूल में हर रोज स्कूल के अध्यापक के द्वारा सभी बच्चों से भारत माता जिंदाबाद के नारे लगवाए जाएं ताकि बच्चों में बचपन से ही देशभक्ति की भावना विकसित की जा सके।

सच्ची देशभक्ति क्या है?

सच्ची देशभक्ति हर नागरिक के खून में हो सकती है। यदि वह अपने देश के प्रति अच्छी भावना के साथ कार्य करें एवं जरूरत पड़ने पर वह बिना झिझक महसूस किए देश के लिए अपना सर्वस्व त्यागने के लिए तैयार रहें।


सच्चा देशभक्त कौन है?

एक सच्चा देशभक्त वह व्यक्ति होता है जो तन मन धन से देश की सेवा करें। एक सच्चे देशभक्त के लिए उसका देश ही सर्वोपरि होता है। अतः उसके द्वारा किए गया कार्य में देश का भला निहित होता है। जिससे देश का नुकसान हो वह ऐसे किसी भी कार्य को करने के बारे में सोचता तक नहीं।

सच्ची देशभक्ति के कई सारे उदाहरण हो सकते हैं। भारत की आजादी के लिए जिन वीर जवानों ने जान की बाजी लगा दी या जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना जीवन लगा दिया उन्हें एक सच्चा देशभक्त कहां जाता है।

एक सच्चा देशभक्त बॉर्डर पर रह कर देश के लिए लड़ सकता है वही देश के अंदर रहने वाले नागरिक भी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन कर सच्ची देशभक्ति कर सकते हैं।


राष्ट्रवाद और देशप्रेम में क्या अंतर है?

राष्ट्रवाद को अंग्रेजी में Nationalism कहा जाता है, वहीं देश भक्ति या देश प्रेम को Patriotism कहा है। हालांकि इन दोनों के बीच का अंतर काफी अलग है।

राष्ट्रवादी विचारधारा को हम स्वार्थी एवं महत्वकांक्षी कह सकते है। क्योंकि इस विचारधारा को अपनाने वाले लोगों के अंदर देश की फिक्र से पहले देश के आसन के प्रति निष्ठा होती है, उनका मकसद शत्रु पर आक्रमण करके अपने राष्ट्र का विस्तार करना एवं उस की बर्बादी चाहना होता है। राष्ट्रवादी व्यक्ति की नजर में देश पहले होता है एवं देश की जनता बाद में। वह मानता है कि राष्ट्र से ही उस देश के नागरिक हैं।

वही बात करें देश प्रेमी कि तो कहां जाता है देश प्रेमी होना एक प्राकृतिक एहसास है। आप जिस देश में पैदा हुए है उस देश की संस्कृति, उसकी मिट्टी वहां के लोगों से आपका लगाव होता है। यह लगाव कुछ इस तरीके का हो सकता है जैसे आप अपने गांव से उसी तरह प्रेम करते हो जैसे आप अपने परिवार से करते हैं। यह प्रेम कभी भी किसी दूसरे गांव के खिलाफ नहीं हो सकता। यह ऐसा प्रेम है जिसमें यदि आप अपने गांव से बाहर भी चले जाते है तो आपको अपने लगाव की वजह से गांव कि याद आती रहेगी।

देश प्रेमी सदैव अपने देश के लोगों से वहां की संस्कृति से स्नेह करता है। इसलिए एक देश भक्त एवं राष्ट्रवादी दोनों विचार धाराएं बिल्कुल  अलग अलग हैं। आशा है अब आप इन दोनों के बीच के अंतर को समझ चुके होंगे।।


हम अपने देश को महान कैसे बना सकते हैं?
  • 👉 एक नागरिक के तौर पर हम यदि अपने राष्ट्र के लिए अच्छे कार्य करें, भले ही छोटे हो परंतु नियमित तौर पर अच्छे कार्य करते रहे तो हम अपने देश को महान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
  • 👉 एक नागरिक के तौर पर यदि हम देश की कानून व्यवस्था का पालन करते है एवं खुद के दिए गए अधिकारों के साथ-साथ दूसरे के अधिकारों का भी सम्मान करते है, देश में फैली सामाजिक बुराइयों, कुरीतियों को खत्म करने के लिए यदि हम अपनी आवाज उठाते है और सामाजिक बुराइयां जैसे नशा, चोरी, मर्डर, रेप ऐसी आपराधिक क्रियाएं को यदि रोकने की दिशा में हम काम करते है तो इससे देश प्रगति की राह पर चलेगा।
  • 👉 दूसरों की सहायता करके देश में करोड़ों ऐसे लोग है जो आज भी दो वक्त का खाना पेट भर नहीं खा पाते है। तो उन लोगों को यदि हम शिक्षा, भोजन इत्यादि देकर उनका सहयोग करे और उन्हें शिक्षित करके इस काबिल बनाए जिससे वे भी योग्य नागरिक बन सके। तो यह हमारा सबसे बेहतरीन कार्य होगा हमारे देश के लिए।
  • 👉 स्वच्छता जीवन के लिए बेहद आवश्यक है। इसलिए न सिर्फ अपने घर में बल्कि आस-पड़ोस अपने समाज में जहां पर भी गंदगी को मिटाने के लिए यदि हम प्रयास करते है तो हमारा समाज साफ सुथरा होगा।

साथियों इस तरीके के अनेक कार्य है जिनसे हमारे समाज में, हमारे देश में एक सकारात्मक परिवर्तन आए। तो उन्हीं से हम अपने देश को महान बना सकते है। यह सभी छोटी-छोटी बातें है परंतु यदि हम उनका नियमित रूप से जिम्मेदारी से पालन करते है तो हमारा देश 1 दिन महान अवश्य बनेगा।

देशभक्ति फिल्मों के नाम: The 10 best films made on Patriotism in Hindi
  1. Rang De Basanti
  2. Lakshya
  3. The Legend of Bhagat Singh
  4. 23rd March 1931: Shaheed
  5. Mangal Pandey: The Rising
  6. Parmanu: The Story of Pokhran
  7. Tirangaa
  8. Prahaar: The Final Attack
  9. Airlift
  10. India’s Most Wanted

देश भक्ति का जज्बा जगाने वाले Top 10 भारतीय देश भक्ति गीत
  1. Sandese Aate Hai Border – 1997
  2. Mera Rang De Basanti Chola  Shaheed – 2002
  3. Aye Watan Tere Liye Karma – 1986
  4. Aisa Des Hai Mera Veer – Zaara
  5. Mere desh Ki Dharti Upkar – 1967
  6. Ae Mere Pyare Watan Kabuliwala
  7. Tiranga Hamra Desh Ke
  8. Kandhon Se Milte Hain Kandhe Zinda Spirit of India – 2013
  9. Hai Preet Jahan Ki Reet
  10. Zindagi Maut Na Ban Jaaye Sarfarosh – 1999

अब मेरा देश भक्ति कविता (Desh Bhakti Kavita) का यह लेख यही पर समाप्त हो रहा है, आशा है आपको हिंदी कविता पसंद आई होगी और आप इस गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर कविता को जरूर पढेंगे और अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर भी करेंगे। इस लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आपका “धन्यवाद”

– Deshbhakti Poem in Hindi 2022

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Himanshu Grewal

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