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Republic Day Speech

गणतंत्र दिवस पर भाषण 2022: Republic Day Speech in Hindi (26 Jan)

26 January Republic Day Speech in Hindi for Teachers and Students
Written by Himanshu Grewal

लेख शुरू करने से पहले आप सभी भारत देशवासियों को India Republic Day 2022 की हार्दिक शुभकामनाएं। यहां आपको Republic Day Speech in Hindi and English Language में पढ़ने को मिलेगा। आज इस लेख में, मैं आपके साथ 26 January 2022 Speech in Hindi में शेयर करने जा रहा हूँ। इस Desh Bhakti 2022 Speech को आप एक पेपर पर कॉपी कर सकते हो और अपने स्कूल में एक अच्छी खासी स्पीच बोल सकते हो। यहाँ पर Short Speech on Republic Day 2022 in Hindi अपडेट की है, इसको कॉलेज स्टूडेंट, छोटे बच्चे और टीचर यह सभी लोग अपने भाषण में इस स्पीच का प्रयोग कर सकते हो। देशभक्ति भाषण के साथ-साथ अगर आपको 26 जनवरी पर निबंध और Republic Day 2022 Images Download करनी है तो आप नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हो।

Republic Day Speech in Hindi 2022 for Students

तो आप सभी का ज्यादा समय खराब ना करते हुए अपनी इस Republic day speech for students 2022 को शुरू करते है।

26 January 2022 Republic Day Speech in Hindi

SPEECH ON REPUBLIC DAY IN HINDI 2022 FOR STUDENTS AND CHILDRENS

👇 आप अपना 26 जनवरी भाषण इस तरह शुरू कर सकते हैं। 👇

आप सभी को सुप्रभात… हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में सभी अतिथियों और सहपाठियों का मैं स्वागत करता / करती हूँ। आज हम यहां भारत के यादगार दिनों में से एक को मनाने के लिए आए हैं। जैसा कि आप सभी हमारे राष्ट्रीय अवकाश और गणतंत्र दिवस के बारे में जानते हैं। हमने सुबह राष्ट्रीय ध्वज को फहराया और हमारे ध्वज और हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों को सलामी दी। यह दिन राष्ट्रीय गान, गीत और देशभक्ति नारों के साथ शुरू होता है।

भारतीय संविधान 1949 में संविधान सभा द्वारा पारित किया गया था। भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है और हर काम के लिए बहुत सारे नियम और कानून हैं। संविधान की लिखित फाइल को पूरा होने में ज्यादा समय लगता है। बहुत मेहनत के बाद, संविधान की टीमें इस कार्य को पूरा करती है और संविधान को हिंदी और अंग्रेजी भाषा में लिखती हैं। इसके बाद 26 जनवरी 1950 को, संविधान अस्तित्व में आया और यह दिन राष्ट्रीय त्योहारों या राष्ट्रीय छुट्टियों में से एक बन गया। हमने अपना 73 साल का गणतंत्र दिवस पूरा किया और अब इस वर्ष 2022 में हम भारत का 73वां गणतंत्र दिवस मनाएंगे

भारतीय संविधान भारतीय लोगों को अपने नेता चुनने का अधिकार देता है। भारतीय लोगों को सभी क्षेत्रों में अपने राजनीतिक नेताओं को चुनने का अधिकार है। सभी पुरुष और महिलाएं जो 18+ हैं, उन्हें अपने नेता चुनने और अपने वोटर आईडी कार्ड और आधार कार्ड का उपयोग करने का अधिकार है, फिर वे अपना वोट किसी भी नेता को दे सकते हैं, जिसे वे चाहते हैं।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और हमारे देश में, पुरुष और महिला दोनों के लिए समान नियम और कानून हैं। अब आप देख सकते है कि हमारे देश की महिलाएं शिक्षा, राजनीतिक, सेना, डॉक्टर और कई अन्य की तरह हर मामले में शीर्ष पर हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि हमारे देश की महिलाएं सबसे बहादुर लड़कियां और महिलाएं हैं, इसलिए सभी लोगों को भी उन्हें सम्मान देने की जरूरत है और हर लड़की और महिला का सम्मान करने की जरूरत है।

हमारे देश को 1947 में आजादी मिली लेकिन हमारे देशवासियों को अभी तक पूरी आजादी नहीं मिली। क्योंकि जब महिलाएं और लड़की बाहर जाती है तो वे सुरक्षित नहीं होती हैं। कुछ राक्षस ऐसे है जिन्होंने महिलाओं और लड़कियों का सम्मान नहीं किया। आजकल महिलाओं के खिलाफ कई मामले हो रहे हैं, इसलिए मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि कृपया महिलाओं का सम्मान करें और उन्हें सम्मान दें, ताकि वे सुरक्षित महसूस करें और अगर उन्हें आपकी मदद की जरूरत हो तो उनकी मदद करें। एक दूसरे की मदद करो, भगवान तुम्हारी मदद करेगा।

grammarly

आप सभी छात्र, शिक्षक जो अपने गणतंत्र दिवस भाषण कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे हैं, वे आपके दिए गए भाषणों में इन पंक्तियों को जोड़ सकते हैं, इसलिए आप हमारे समाज की मानसिकता को भी बदल सकते हैं। यह आपके सहपाठियों, शिक्षकों, अतिथि को प्रेरित करेगा और इससे हमारे देश की लड़कियों और महिलाओं को कुछ आत्मविश्वास मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि आप जो कहना चाह रहे हैं, उस पर मेरे अंक मिलेंगे। यह भाषण सभी शिक्षकों, प्राचार्यों और स्कूल के छात्रों के लिए यहां उपलब्ध कराया गया है।

धन्यवाद

यहां से भाषण खत्म होता है नीचे आपको अब दूसरा भाषण मिलेगा।

26 January 2022 Republic Day Speech in English PDF Download

Republic Day Speech For School Students And Children’s

Republic Day 2022 Speech in English PDF Download

गणतंत्र दिवस पर भाषण हिंदी में लिखा हुआ

26 January Republic Day GIF

नोट: यह जो 26 January 2022 Speech in Hindi (देशभक्ती भाषण) है अगर आपको पसंद आये तो इसको आप अपने सभी दोस्तों और परिवार वालों के साथ फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प पर जरूर शेयर करें और उनको 26 जनवरी की शुभकामनाएं दे। आइए, अब 26 जनवरी पर भाषण 2022 के लिए पढ़ना शुरू करते है:-

26 January Speech in Hindi 2022 for School Students

जो धर्म पे मर मिटा, बस वही महान है,
कारगिल का हर जवान, कारगिल का हर जवान,
देवता समान है।

धन्य हुई वह माटी भी, धन्य हुई वह माटी भी,
जिसपर तुमने जन्म लिया,
शीर्ष झुकाये उस माता को, शीर्ष झुकाये उस माता को,
जिसने तुम्हें जन्म दिया ।

सीने पर गोली खा,सीने पर गोली खा,
हस्ते-हस्ते मरने वाले, तुझे प्रणाम,
कारगिल में लड़ने वाले
कारगिल में लड़ने वाले, तुझे प्रणाम |

कृतज्ञ राष्ट्र का, कृतज्ञ राष्ट्र का,
तुझे प्रणाम ।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत के उन शहीदों को तथा उनके माता पिताओ को मेरा प्यार भरा प्रणाम।

आज हमारा गणतंत्र दिवस है। गणतंत्र दिवस हमारा राष्ट्रीय त्योहार है। हर साल 26 जनवरी के दिन यह उत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। सन् 1950, 26 जनवरी के दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। उसी दिन से हमारा भारत एक सम्पूर्ण, प्रमुख समाजवादी, लोकतंत्रात्मक, पर्थनिर्पिक्ष गणराज्य बन गया।

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा,
सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा ॥

हम सब भारतीय है। मित्रों हम भारत के नागरिक है, आगे चलकर हमको इस देश को नये ढंग से निर्माण करना है। आइए हम अपने आप से प्रश्न पूछे। भारत माता ने हमें दिया क्या है? और बलिदान में हमने दिया क्या है?

भारत माता ने हमें अन, वस्त्र, निवास आदि सब कुछ दिया है। हमारी जरूरतों को पूरा करते आ रहे है। प्यारे दोस्तों, हम सब नन्हें, मुन्हें राही है इस देश के सिपाही है, चलो इस पुण्य दिवस पर हम प्रण ले की कदम से कदम मिलाकर इस देश को सम्मान से भर दे। भारत से सब कुछ लेने के बाद यह ना हो की हम दूसरे देशों में जाकर बस जाये। बल्कि दूसरे देशों से अच्छी-अच्छी बातें सिख कर उनका उपयोग हम हमारे देश में करें। भारत देश को विश्व के मानचित्र में एक मुख्य स्थान दे। दोस्तों बहुत मुश्किल से मिली स्वतंत्रता को हम बचाएं रखे। गंधी जी, नेहरू जी, शास्त्री जी जैसे महान पुरुषों के सपनों को हम साकार करें। आओ कुछ कर दिखाए इंडिया के झंडे को सदा ऊँचा रखने का प्रयास जारी रखे। जय हिन्द, वन्दे मातरम्, भारत माता की जय।

प्रश्न: 26 जनवरी पर भाषण कैसे दे?


उत्तर: जैसा कि आप जानते है कि गणतंत्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय त्योहार है और इसे पूरा देश एक साल मिल कर मनाता है। सभी स्कूल, कॉलेज एवं ऑफिस में इस दिन खास प्रोग्राम का आयोजन किया जाता है जिसममें झण्डा फहरने के साथ – साथ राष्ट्रीय गान गया जाता है। उसके उपरांत देशभक्ति गीत, नृत्य एवं गणतंत्र दिवस भाषण, गणतंत्र दिवस स्पीच भी दिया जाता है। यदि आप इस 73वे गणतंत्र दिवस पर अपने स्कूल, कॉलेज या ऑफिस में भाषण देने की सोच रहे हैं तो मैं आपको बताना चाहता हूँ कि HimanshuGrewal.com पर आपको अत्यधिक गणतंत्र दिवस 2022 भाषण मिल जाएंगे। आपको उसका स्क्रीनशॉट लेकर अपने डिवाइस में सेव कर लेना है या यदि आप इस तरह से याद करने में सुविधा महसूस नहीं होती है तो आप स्पीच को एक पेज पर भी लिख सकते है और उसके उपरांत याद कर सकते हैं।

दोस्तों, मैंने आपको भाषण को याद करने के लिए इसलिए कहा है क्यूंकी याद कर के जब आप गणतंत्र दिवस पर भाषण देने के लिए स्टेज पर जाएंगे तो आप एक्स्प्रेशन के साथ अपने भाषण को बोल सकेंगे, आपके बोल के साथ – साथ चेहरे पर देशभक्ति का भावना होने पर आपका भाषण और उभर कर जनता के सामने प्रस्तुत होगा।

26 January Republic Day Speech in Telugu 2022

Republic Day Speech in Telugu

Republic Day Speech in Tamil

26 January Par Bhashan 2022

“आज हम हमारे देश भारत की स्वर्णिम धरोहर को याद करें और इसका हिस्सा बनने पर गर्व महसूस करें।”

आदरणीय प्रधानाचार्य, शिक्षकों और मेरे प्यारे दोस्तों। मैं गणतंत्र दिवस पर भाषण देने के लिए आप सभी के सामने हूं। मैं इस अवसर के लिए खुश और आभारी हूं कि मुझे इस दर्शकों के सामने खुद को व्यक्त करने के लिए मिला।

एक बच्चे के रूप में मुझे हमेशा इस दिन देशभक्ति के गीत गाने के लिए सिखाया जाता है, मैं हमेशा थोड़े दिन पीछे देखता हूं, मैं गाना बजानेवालों का हिस्सा था, इतने बड़े जोश और उत्साह के साथ वंदे मातरम गा रहा था। मुझे उस राष्ट्र पर बहुत गर्व है जिसने मुझे इतना कुछ दिया है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह भावना है। एक की पहचान उसकी राष्ट्रीयता के बिना लगभग अस्पष्ट है। हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं जिस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। यह 26 जनवरी, 1960 को हुआ था। यह भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक स्थल है।

भारतीय संविधान तैयार करने के लिए महान नेताओं, विचारकों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों ने बहुत मेहनत की गई। हम अभी भी डॉ भीमराव आंबेडकर को देखते है कि वे हमारे संविधान में ऐसे महान विचारों को शामिल करने के लिए धन्यवाद करते हैं। यह दुनिया के कागज संविधान पर सबसे लंबा है। यह वह दिन था जब भारत सच्चे अर्थों में एक गणतंत्र और एक संप्रभु राज्य बन गया। भारत समय के अलग-अलग चरणों में विकसित हुआ है।

आइए इस बात से इनकार नहीं करते है कि भारतीय आबादी गंभीर रूप से गरीबी, असमानता, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से जूझ रही थी और इन कई मुद्दों पर कई साल पहले हम इन सभी समस्याओं को लेकर आए हैं, हमने उन सभी के साथ एकजुट होकर लड़ाई लड़ी है, और हम समाज की बीमारियों से लड़ते रहने की प्रतिज्ञा करते हैं। संविधान द्वारा तैयार किए गए विचारों को याद दिलाना आवश्यक है। न्याय, समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, संप्रभुता, और इसी तरह के विचार।

आइए हम उन्हें अपने जीवन में जीवित रखने की शपथ लें, आइए अहिंसा के बारे में गांधीजी के विचार को न भूलें, यह हमें अपने आस-पास की अत्यंत उत्साही दुनिया में मजबूत होने की ताकत देगा। आइए उनके मूल्यों को हम में जीवित रखें, चलो कठिन संघर्षों को न भूलें, भारत को कठोर उत्पीड़न से कैसे गुजरना है, इसे नकारने न दें, चलो हमारे देश को रहने के लिए एक बेहतर स्थान बनाएं।

भारत सरकार नए एजेंडे के साथ आती रहेगी, कहना है कि स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजनाएं, गैर-रोजगार योजनाएं, हर दिन बेहतर वादे। लेकिन हम कुछ बहुत महत्वपूर्ण याद कर सकते हैं, हमारी भूमिकाएं, हमारे कर्तव्य सरकार या राष्ट्र से हमारी अपेक्षाओं से अधिक क्रूस हैं। वैसे भी, अंत में, देश बनाने वाले नागरिक। प्रिय मित्रों, हम राष्ट्र की युवा आत्मा हैं। क्रांतियां, आपके अंदर देखती हैं, आप पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली हैं।

हमारे देश के लिए, उसके लोगों के लिए अच्छा करने के लिए अपने दिलों में जोश भरें। युवा विचारों को वास्तविकता में बदल सकते हैं, राष्ट्र के युवाओं के पास सिस्टम में बदलाव करने, नए लोगों को बनाने, बेहतर बनाने की सबसे अधिक ऊर्जा है। आइए हम सब मिलकर भ्रष्टाचार मुक्त, सर्वसमावेशी और समतावादी समाज का निर्माण करें, इस दुनिया को ऐसे लोगों को उपहार दें, जो कभी भारत और हमारे बारे में सपने देखते हैं। भारत का वर्तमान, भारत का भविष्य।

जय भारत, वंदे मातरम्

गणतंत्र दिवस का भाषण यहां पर खत्म होता हैं। 26 जनवरी का भाषण पढ़ने के लिए धन्यवाद!


Republic Day Speech Hindi 2022 For Students

26 जनवरी भाषण:

यहां पर मौजूद सभी शिक्षकों, स्कूल के सभी स्टाफ, आदरणीय प्रिंसिपल और सभी विद्यार्थियों को सबसे पहले तो गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहता हूं। इसके साथ ही मैं शिक्षकगणों को भी इस बात के लिए धन्यवाद कहना चाहता हूं कि उन्होंने इस पावन दिवस पर मुझे बोलने का मौका दिया। मैं आज की स्पीच में 26 जनवरी के दिन से संबंधित इतिहास और इसके महत्व के बारे में आपको अवगत कराऊंगा।

हमारा देश 1947 में आजाद हुआ था और इसके 2 वर्षों के बाद ही वर्ष 1950 में 26 जनवरी के दिन डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर द्वारा निर्मित दुनिया के सबसे बड़े संविधान यानी कि भारतीय संविधान को भारत में लागू किया गया था और तब से ही हमारा देश दुनिया में एक लोकतांत्रिक देश के तहत जाना जाने लगा। 26 जनवरी के दिन को हमारे देश में बड़ी ही हंसी खुशी के साथ सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन, दिन भर टीवी पर देशभक्ति फिल्में और देशभक्ति गाने आते रहते हैं, वहीं दिल्ली के राजपथ पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम का प्रसारण भी टीवी पर होता है जिसे लोग घर बैठे देखते हैं।

हमारे भारतीय संविधान ने भारत के सभी लोगों को अपने अपने धर्म और मजहब का पालन करने का अधिकार दिया है और यही हमारे भारतीय संविधान की खूबसूरती है। हमारे देश में हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सभी धर्मों के लोग आपस में मिल जुल कर रहते है और देश की तरक्की में अपना योगदान देते हैं।

भारत का गणतंत्र दिवस भी 26 जनवरी को ही कहा जाता है। यह वह पावन दिन है जिस दिन हमें वास्तव में यह महसूस होता है कि हम एक ऐसे देश के नागरिक है जिसे दुनिया में विश्व का गुरु कभी कहा जाता था और हमें यह प्रयास करना चाहिए कि भारत फिर से वहीं उपलब्धि और वहीं सफलता हासिल करें जो अंग्रेजों के आने के पहले थी। एक बार फिर से हमारा भारत देश सफलता के शिखर पर आगे पहुंचे और फिर से दुनिया की बागडोर को अपने हाथों में ले। कुछ हद तक देश ने इस फील्ड में सफलता भी हासिल की है और कुछ सफलता अभी हासिल करना बाकी है।

मैं यही कामना करता हूं कि हमारे देश को किसी की भी नजर ना लगे और यह सदा प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे। इसी आशा के साथ कि हम सब भारतीय अपने देश को आगे बढ़ाने में अपना पूर्ण योगदान दें, मैं अपने भाषण को यहीं पर विराम देता हूं।

भारत माता की जय, वन्दे मातरम्, जय हिंद

२६ जनुअरी स्पीच यहीं पर खत्म होती है, २६ जनुअरी भाषण पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

प्रश्न: 26 जनवरी का क्या महत्व है?


उत्तर: राष्ट्रीय पर्व होने के कारण 26 जनवरी अर्थात गणतंत्र दिवस का अपना एक अलग महत्व है। जैसा कि आप जानते है कि भारत में अनेक जाति एवं धर्म के लोग रहते हैं जहाँ सब अपने धर्म के सर्वोच्च समझते हैं एवं मानते भी है। लेकिन राष्ट्रीय त्योहार ऐसे त्योहार है जिसको सभी धर्म एवं जाती के लोग एक साथ मिल कर मनाते हैं। तो हम ऐसा बोल सकते है कि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) का हम पर बहुत ही बड़ा प्रभाव पड़ता है और इसका सबसे बड़ा महत्व यही है कि यह हम एक साथ बंधे हुए है इसी को कहा जाता है अनेकता में एकता। इसके अलावा इस दिन जब हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं तो हमें यह भी ज्ञात है कि यही दिन जब 1950 में हमारे देश को एक गणराज्य में तब्दील किया गया था।

26 जनवरी पर शानदार भाषण 2022 के लिए यहां से पढ़ें

26 जनवरी 2022 पर भाषण:

मैं यहां उपस्थित समस्त शिक्षकों, स्कूल के सभी स्टाफ, आदरणीय प्रिंसिपल और सभी विद्यार्थियों को सबसे पहले तो गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहता हूं। इसके साथ ही मैं टीचरों को भी इस बात के लिए धन्यवाद कहना चाहता हूं कि उन्होंने इस पावन दिवस पर मुझे बोलने का मौका दिया। 26 जनवरी का दिन अन्य सामान्य दिन की तरह ही होता, अगर साल 1950 में 26 जनवरी के दिन हमारे देश में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के द्वारा लिखे गए भारतीय संविधान को लागू न किया जाता तो हमारा देश आज भी सहीं से काम नहीं कर रहा होता। यहीं वजह है कि हर साल 26 जनवरी को भारतीय संविधान को लागू होने की खुशी में रिपब्लिक डे या फिर गणतंत्र दिवस के तहत सेलिब्रेट किया जाता है।

यह सेलिब्रेशन किसी एक राज्य में नहीं बल्कि इंडिया के सभी राज्यों में होता है। इस दिन स्कूलों में काफी भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है जिसमें निबंध लेखन होती है, भाषण दिए जाते है और डांस परफॉर्मेंस भी होती है तथा विद्यार्थियों को देश के प्रति ईमानदार बनने की प्रेरणा दी जाती है। दिल्ली के राजपथ पर भी इस दिन भव्य गवर्नमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है जिसमें सेना कि कई बटालियन शामिल होती है। इस दिन राष्ट्रपति के द्वारा झंडे को फहराया जाता है और तीनों सेना के प्रमुख के द्वारा भारत के राष्ट्रपति को सलामी दी जाती है। वहीं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी देश के नाम पर भाषण भी देते हैं।

हर साल भारत के गणतंत्र दिवस पर कई विदेशी मेहमान शामिल होते है जिन्हें गणतंत्र दिवस में शामिल होने का न्योता, इसके तीन-चार दिन पहले ही भेज दिया जाता है। भारत का गणतंत्र दिवस दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र दिवस माना जाता है और इसीलिए इसका आयोजन काफी भव्य तरीके से किया जाता है। एक भारतीय होने के नाते हमें यह अच्छे से पता होता है कि गणतंत्र दिवस की अहमियत क्या होती है।

जब अंग्रेज हमारे देश के लोगों पर जुल्म करते थे तब क्रांतिकारियों ने उनका विरोध किया था और उन्हीं क्रांतिकारियों के विरोध स्वरूप देश आजाद हुआ और 15 अगस्त को देश की आजादी का दिवस मनाया गया और 26 जनवरी को देश का गणतंत्र दिवस मनाया गया। हम भारतवासी हमेशा यहीं कामना करते है कि हमारा देश लगातार तरक्की करें, साथ ही देश के सभी लोग आपस में मिलजुल कर रहे। इसी के साथ ही मैं अपने भाषण को विराम देता हूं।

जय हिंद, भारत माता की जय, वंदे मातरम

26 जनवरी को ध्वजारोहण कौन करता है?

26 जनवरी को ध्वजारोहण कौन करता है? इस प्रश्न का उत्तर देने से पूर्व मैं आपको ध्वजारोहण के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देना चाहूँगा। हमारा राष्ट्रीय ध्वज हमारी शान और गौरव का प्रतीक है, प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी को झंडा फहराया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि 15 अगस्त और 26 जनवरी को झंडा फहराने में कुछ फर्क होता है? आइए आपको ऐसे ही 3 बड़े फर्क के बारे में बताते हैं-

Know the difference in flag hoisting on 26 January and 15 August in Hindi

👉 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर खींचा जाता है और फिर फहराया जाता है, इसे ध्वजारोहण कहा जाता है। वहीं 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज ऊपर बंधा रहता है, उसे खोलकर फहराया जाता है जिसे झंडा फहराना कहते हैं।

ध्वजारोहण एवं झण्डा फहराना दो अलग – अलग शब्द हैं और अंग्रेजी में ध्वजारोहण के लिए Flag Hoisting और झंडा फहराने के लिए Flag Unfurling शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।

👉 15 अगस्त को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री शामिल होते हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री ही ध्वजारोहण करते हैं। 26 जनवरी को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं।

👉 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन लाल किले पर होता है, प्रधानमंत्री इस मौके पर ध्वजारोहण के साथ – साथ लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं। वहीं गणतंत्र दिवस के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन राजपथ पर होता है।

अब आपके जेहन में यह सवाल आ रहा होगा कि 26 जनवरी को ही राष्ट्रपति क्यों फहराते हैं ध्वज? तो चलिये अब मैं आपको उसका जवाब भी देता हूँ–

प्रधानमंत्री देश के राजनीतिक प्रमुख होते है जबकि राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख। देश का संविधान 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू हुआ। उससे पहले न देश में संविधान था और न राष्ट्रपति। इसी वजह से हर साल 26 जनवरी को राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।


26 जनवरी 1950 को क्या हुआ था?

यह बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है और इसका जवाब प्रत्येक भारतीय को ज्ञात होना चाहिए तो दोस्तों अब मैं आपको बताने जा रहा हूँ कि आखिरकार 26 जनवरी 1950 को क्या हुआ था?

इतिहास में आपने पढ़ा ही होगा कि भारत करीब 200 वर्षों तक अंग्रेजों के अधीन था। जब 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग की घटना हुई तो इस घटना ने ही भगत सिंह और उधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों को जन्म दिया। क्योंकि यह घटना बहुत ही दुखदाई घटना थी। इसमें जनरल डायर के नेतृत्व में अंग्रेजी सरकार ने बड़े, बूढ़े, बच्चों एवं महिलाओं को भी नहीं बख्शा था। इस घटना के बाद सभी का दिल आजादी की आग में जलने लगा था, सब लोग भारत की आजादी के लिए बलिदान देने को तैयार थे।

26 जनवरी 1930 को रावी नदी के तट पर स्वतंत्रता सेनानियों ने पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा की थी और यह प्रतिज्ञा ली थी कि जब तक भारत पूरी तरीके से स्वतंत्र नहीं हो जाता यह आंदोलन इसी तरह चलता रहेगा। कई वर्षों के लम्बे संघर्ष के बाद भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों की कड़ी मेहनत और जीवन न्योछावर करने के बाद भारत को 15 अगस्त सन 1947 को आजादी मिली।

स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार ने संविधान लागू किया और भारत को एक प्रजातांत्रिक गणराज्य घोषित किया, लगभग 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत के संविधान को भारत की संविधान सभा में पास किया। इस घोषणा के बाद से इस दिन को प्रतिवर्ष भारतीय गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने लगे।

तो दोस्तों यदि आपसे कोई पूछे कि आखिरकार 26 जनवरी 1950 को संविधान क्यों लागू किया गया? तो अब आप इस सवाल का जवाब दे सकते है कि जब देश को अंग्रेजों से स्वतंत्रता प्राप्त हुई तो उसके बाद देश के संविधान को बनने में इतना समय लगा और जब यह पूर्ण रूप से बन कर तैयार हुआ तो तिथि 26 जनवरी 1950 को हमारा देश एक गणतंत्र देश घोषित हुआ। यही कारण है कि गणतंत्र दिवस भारत के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है, गणतंत्र का अर्थ है जनता के द्वारा जनता के लिए शासन। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन हमारे देश का संविधान लागू हुआ था।

प्रश्न: 26 जनवरी 2021 के मुख्य अतिथि कौन होंगे?

उत्तर: प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस यानि 26 जनवरी को हमारे देश में बाहर से अतिथि आते है जिनको हमारे देश के प्रधानमंत्री के द्वारा न्योता भेजा जाता है। गणतंत्र दिवस 2021 को मुख्‍य अतिथि के तौर पर भारत के निमंत्रण पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने स्‍वीकार कर लिया। ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉमिनिक राब (Dominic Raab) ने यह जानकारी दी। इस ऐलान के बाद Raab ने यह भी कहा कि ब्रिटेन भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने की चाहत रखता है।

प्रश्न: भारत का संविधान कितने बजे लागू हुआ?

यह बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है जिसे कि किसी बड़े परीक्षा में पूछा जा सकता है। यदि आपको इसका जवाब ज्ञात है तो यह बहुत ही अच्छी बात है लेकिन दोस्तों मैं दावे के साथ बोल सकता हूँ कि 80% भारतीय जनता को इसका जवाब ज्ञात नहीं होगा। चलिये जानते है कि भारत का संविधान कितने बजे लागू हुआ? पीआईबी (प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, भारत सरकार) के अनुसार देश में 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 बजे भारत एक गणतंत्र बना था इसके छह मिनट बाद 10.24 बजे राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी, इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे। इस दिन पहली बार उन्होंने भारतीय सैन्य बल की सलामी ली थी। पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था।

प्रश्न: भारत एक संप्रभु राष्ट्र कब बना?

उत्तर: संप्रभु शब्द का अर्थ है कि देश के सरकार को देश से जुड़ी सारी शक्ति के अधिकार को दिया जाता है एवं राष्ट्र कहते हैं, एक जन समूह को, जिनकी एक पहचान होती है, जो कि उन्हें उस राष्ट्र से जोडती है। इस परिभाषा से तात्पर्य है कि वह जन समूह साधारणतः समान भाषा, धर्म, इतिहास, नैतिक आचार, या मूल उद्गम से होता है। 15 अगस्त 1947 में हमारा देश एक संप्रभु राष्ट्र बना था।

प्रश्न: 26 जनवरी को इंग्लिश में क्या कहते हैं

उत्तर: 26 जनवरी को इंग्लिश में 26 January ही कहते है, पर 26 जनवरी के दिन की अपनी ही एक अलग मान्यता हैं क्योंकि इस दिन हमारे भारत देश का संविधान लागू हुआ था, इसलिए हम सभी 26 जनवरी के दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मानते है और गणतंत्र दिवस को इंग्लिश में Republic Day कहते हैं।

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) 2022 पर भाषण अब यही पर खत्म होता है। आपको देश भगती स्पीच कैसी लगी हमको कमेंट करके जरूर बताए और इस लेख को सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले।

आपका दिल से धन्यवाद

आपको गणतंत्र दिवस 2022 की शुभकामनाएं

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Himanshu Grewal

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