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अन्नपूर्णा दूध योजना क्या है ? इससे जुडी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

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आज कल न्यूज़ चैनल और अखबार के माध्यम से आप अन्नपूर्णा दूध योजना के बारे में अक्सर सुन और देख रहे हैं, लेकिन मुझे यकीन है कि आपको इसकी पूरी जानकारी न्यूज़ और समाचार पत्रों के माध्यम से नहीं मिल रही है.

अगर आप अन्नपूर्णा दूध योजना हिन्दी में जानना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक पढ़िए| आपको अन्नपूर्णा दूध योजना से सम्बंधित सभी जानकारी इस लेख के तक मिल जाएगी| तो चलिए शुरू करे-

अन्नपूर्णा दूध योजना क्या है ? – Annapurna Dudh Yojana in Hindi

Information About Annapurna Dudh Yojana in Hindi

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आपने “मिड डे मील” के बारे में तो सुना होगा, क्यूंकि यह भारत के सभी राज्यों में काफी तेज़ी से फ़ैल रहा है और यह एक सकारात्मक सोच के साथ-साथ भारत देश की भविष्य (विद्यार्थी) के उन्नति के लिए बहुत अच्छा साबित हुआ है.

“मिड डे मील” के अंतर्गत सभी राज्य के राजकीय प्रार्थमिक और उच्च प्रार्थमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओ को दिन में एक बार भोजन दिया जाता है.

ठीक उसी प्रकार से भारत के राज्य राजस्थान की मुक्यमंत्री “वसुंधरा राजे” ने छात्र और छात्राओ के हित में एक और योजना का निर्माण अपने 2 जुलाई के भाषण के अंतर्गत किया|

उसी योजना का नाम अन्नपूर्णा दूध योजना पड़ा जिसके तहत, राज्य के राजकीय प्रार्थमिक और उच्च प्रार्थमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओ को अब भोजन के साथ-साथ सप्ताह में तीन बार उच्च गुणवत्ता वाला ताज़ा गरम दुध भी पिने के लिए दिया जायेगा.

योजना का नाम अन्नपूर्णा दूध योजना
कब शुरू हुई ? 2 जुलाई, 2018
किसने शुरू की ? वसुधंरा राजे में
कौन से राज्य में है यह योजना राजस्थान
कौन सी कक्षा के बच्चों को दूध मिलेगा ? कक्षा 1 से 8 तक के राजकीय स्कूल के बच्चे
कितना दूध मिलेगा ? कक्षा 1 से 5 तक 150 ml, कक्षा 6 से 8 तक 200 ml
कितने दिन दूध मिलेगा ? सप्ताह में तिन दिन

अब आप यह तो जान गये की अन्नपूर्णा दूध योजना क्या है ?

अब आपके मन में इस योजना से जुड़े काफी सवाल उत्पन हो रहे होंगे|

मै कुछ प्रश्नों के उत्तर इस लेख के माध्यम से आप तक पहुचा रहा हूँ, यदि मुझसे कोई प्रशन छुट जाता है जो आपके जेहन में है तो आप कमेंट कर के मुझ से पूछ सकते हैं, मै ज़ल्द ही उसका उत्तर आपको दूंगा.

इसे भी पढ़े » प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की पूर्ण जानकारी हिंदी में

अन्नपूर्णा दूध योजना की शुरुआत कब हुई थी ? (पूरी जानकारी)

#1. अन्नपूर्णा दूध योजना कब, कहा और किसके माध्यम से शुरू की गई ?

  • अन्नपूर्णा दूध योजना 2 जुलाई 2018 को, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के द्वारा शुरू किया गया|

#2. इस योजना के अंतर्गत किस विद्यालय के छात्र शामिल किये जायेंगे ?

  • इस योजना के तहत राज्य के राजकीय प्रार्थमिक और उच्च प्रार्थमिक विद्यालयों, मदरसों, विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों में पढ़ रहे पहली कक्षा से आठवी कक्षा के छात्र-छात्राओ को शामिल किया जायेगा.

#3. इस योजना में लगभग कितने बच्चो को लाभ मिलेगा ?

  • आकड़ो के हिसाब से देखे तो राजस्थान में लगभग 80 हजार सरकारी स्कूल है जहाँ 85 लाख से अधिक छात्र वर्तमान समय में पढ़ रहे हैं| यक़ीनन इन सभी विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ ज़रूर मिलेगा.

#4. योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को कितना दूध दिया जायेगा ?

  • इस योजना में राज्य के राजकीय प्रार्थमिक और उच्च प्रार्थमिक विद्यालयों, मदरसों, विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओ को जो कक्षा 1-5 तक के हैं उनको 150 ML दूध और 6 से 8 तक को 200 ML दूध पिने के लिए मिलेगा.

#5. अन्नपूर्णा दूध योजना का उदेश्य क्या है ?

  • सबसे प्रथम उदेश्य तो सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओ की संख्या में वृद्धि करना है|
  • सरकारी विद्यालयों से बच्चो के ड्राप आउट समस्या को कम करना है|
  • सरकारी विद्यालयों में बच्चो को पोष्टिक आहार प्रदान कर उनका शारीरिक विकास करना है|
  • जब सरकारी विद्यालयों में खाने और पिने पर विशेस ध्यान दिया जायेगा तो यक़ीनन ही गरीब माँ-बाप भी लालच की वजह से ही सही लेकिन अपने बच्चो को विद्यालय ज़रूर भेजेंगे और इससे शिक्षा का स्तर भी ज़रूर बढेगा|

#6. इस योजना के तहत सप्ताह के कौन से वो 3 दिन होंगे जब बच्चो को दूध दिया जायेगा ?

  • शहरी क्षेत्रो में दूध सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दिया जायेगा, वही ग्रामीण क्षेत्रो में या तो सोमवार, बुधवार और शुक्रवार या फिर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को दिया जायेगा.

#7. योजना में दूध किन श्रोतो से बच्चो तक उपलब्ध होगा ?

  • ग्रामीण क्षेत्रो में और शहरी क्षेत्रो में दूध अलग-अलग स्रोतों से उपलब्ध किया जायेगा|
  • ग्रामीण क्षेत्रो में – रजिस्टर्ड दूध उत्पादक सहकारी समिति, महिला स्वयं सहायता समूह, अन्य स्वयं सहायता समूह आदि से उपलब्द कराया जायेगा|
  • शहरी क्षेत्रो में दूध का एक मात्र श्रोत है और वह है – सरस डेरी बूथ|

#8. इस योजना के अंतर्गत कुल कितनी एजेंसी काम कर रही है ?

  • फ़िलहाल इस वक़्त इस योजना के अंतर्गत इस योजना में कुल तीन एजेंसी के द्वारा पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है|
  • विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC)
  • सेंट्रलाइज्ड रसोईघर (CSO)
  • अन्नपूर्णा महिला सहकारी समिति (AMSS)

#9. इस योजना के माध्यम से जो दूध बच्चो तक पहुचाया जायेगा उसमे पोषक तत्व की मात्रा कितनी निर्धारित की गई है ?

  • प्रति 100 ml में न्यूमतम पोषक तत्व कुछ इस प्रकार से होने चाहिए – प्रोटीन (320ग्राम), वसा (3ग्राम), कैलोरी (58 kcal) और कार्बोहायड्रेट (4.6ग्राम).

#10. इस योजना की ऑफिसियल साईट कौन सी है ?

( http://rajssa.nic.in/School/School_Home.aspx ) इस लिंक की मदद से आप इस योजना से सम्बंधित विशेष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

#11. अन्नपूर्णा दूध योजना को सफल बनाने के लिए जनता का क्या रोल होगा ?

  • इस योजना को समाज के विभिन्न वर्गों से जोड़ा जायेगा| कोई भी व्यक्ति किसी भी अवसर पर जैसे की शादी, जन्मदिन या अन्य किसी भी अवसर पर अपनी इच्छा अनुसार स्कूल में दूध वितरित कर सकता है.

अन्नपूर्णा दूध योजना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्देश – Rajasthan Annapurna Milk Yojana in Hindi

अन्नपूर्णा दूध योजना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्देश

  1. बच्चो को दूध अच्छे से उबाल कर दिया जायेगा|
  2. सफाई का पूरा ध्यान रखा जायेगा|
  3. बच्चो को अच्छे से धुले हुए साफ़ बर्तन में दूध मिलेगा|
  4. दूध छान कर वितरित किया जायेगा|
  5. दूध की गुणवत्ता को देने से पहले परखा जायेगा|
  6. अगर कसी वजह से दूध खराब निकलता है तो उस दिन दूध बच्चो को नहीं दिया जायेगा, और उसकी व्यवस्था अगले दिन के लिए किया जायेगा|
  7. ज्यादा गरम दूध बच्चो को नहीं दिया जायेगा, ताकि अगर दूध गिर भी जाता है तो कीड़ी बच्चे को कोई नुक्सान नहीं होगा|
  8. प्रार्थना सभा के तुरंत बाद दूध वितरित किया जायेगा|

अन्नपूर्णा दूध योजना से सम्बंधित सभी विशेष जानकारी मैंने इस लेख के माध्यम से आप तक पहुचाने की पूरी कोशिश की है| राजस्थान की मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किया गया यह नियम आपको कैसा लगा हमे कमेंट कर के बताना मत भूलियेगा.

इस लेख को अंत तक पढने के लिए आपका धन्यवाद|

आप चाहे तो इस लेख को सोशल साईट की मदद से अपने जानकारों के साथ भी शेयर कर सकते हैं ताकि उनको अन्नपूर्णा दूध योजना से सम्बंधित जानकारी मिल सके.

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3 Comments

  1. sahi hai bhai aisi yojanao se garibo ko labh milta hai. par bahut se yojanaye aise bhi hai jo garibo tak nhai pahuchti . in sab ke liye bhi government ko action lena chahiye

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