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प्रार्थना पत्र

औपचारिक पत्र कैसे लिखते हैं: प्रकार और प्रारूप

Formal Letter in Hindi
Written by Himanshu Grewal

Formal Letter in Hindi: नमस्कार, 10Lines.co में आज हम आपको औपचारिक पत्र लेखन कैसे लिखते हैं इस विषय के बारे में बताएंगे। इसके अलावा यहां आपको अनौपचारिक पत्र क्या है?, औपचारिक और अनौपचारिक पत्र कैसे लिखते हैं?, औपचारिक पत्र का प्रारूप, औपचारिक पत्र लिखते समय सबसे पहले क्या लिखा जाता है, औपचारिक पत्र कैसे लिखते हैं, Hindi Letter Format इत्यादि की भी जानकारी मिलेगी। तो लेख को अंत तक पूरा पढ़ें।

Hindi Letter Format

Format of Formal Letter in Hindi

आज हम बात करने जा रहे है फॉर्मल लेटर या औपचारिक पत्र की। औपचारिक पत्र तब लिखते है जब स्कूल में छुट्टी के लिए अवकाश पत्र लिखना होता था, शायद आपको अभी भी याद होगा। इस प्रकार से औपचारिक पत्र सरकारी या प्राइवेट कार्यालयों में या अपने से बड़े किसी अधिकारी को स्कूल या कॉलेज में प्रिंसिपल को बहुत ही सहज और शिष्टता पूर्ण भाषा में पत्र लिखा जाता है जिसमें अपनी समस्या पत्र लेखन से ही संदेश का आदान प्रदान होता था लेकिन आज इंटरनेट का जमाना है तो विचारों का आदान प्रदान सरल है। यदि हमें Formal Letter लिखना हो तो हम Email का प्रयोग करते है क्योंकि ईमेल का फॉर्मेट लगभग समान ही है जैसा औपचारिक पत्र लेखन में आवश्यकता होती है तो लोग आजकल ईमेल का ही अधिक प्रयोग करते हैं।


पत्र लेखन क्या है पत्र के प्रकारों का वर्णन कीजिए?

हम आज 2022 में आ चुके है और जैसा की आप सब जानते है आज इंटरनेट का दौर है, साथ ही मोबाइल, टेलीफोन न संप्रेषण (Communication) को बहुत आसान बना दिया है जिसमें हम अपनी बातें बड़े आसानी से कह सकते है अब वो चाहे शिकायत करना हो या किसी का हाल चाल जानना हो। तो अब पत्र लेखन आवश्यक क्यों है क्या आपने कभी सोचा हैं? आइए जानते हैं।

पत्र लेखन काफी समय से चला आ रहा है और ये पहले संप्रेषण (Communication) का काफी अच्छा साधन था पर आज भी इसका महत्व कम नहीं हुआ है। किसी भी सरकारी या गैर सरकारी कार्य में लिखित दस्तावेज होते है जो आवश्यकता पढ़ने पर प्रमाण के रूप में प्रस्तुत हो सकते हैं। डिजिटल रूप में तो इनका संग्रहण होता है साथ ही साथ लिखित रूप में भी होता हैं। लिखित रूप से लिखे गए पत्र अधिक प्रमाणित होते है। डिजिटल रूप में हो सकता है किसी वायरस या सॉफ्टवेयर में कोई तकनीकी खराबी आ सकती हैं किंतु लिखित रूप से दस्तावेज संभाले जाते है और तकनीकी परेशानियां नही आती।


Hindi Formal Letter Format | औपचारिक पत्र का प्रारूप

अब जानते है औपचारिक पत्र के प्रारूप के विषय में मुख्य बातें:-

औपचारिक पत्र लिखते समय हमें कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना पड़ता है जो इस प्रकार हैं:-

  1. हम पत्र जिस किसी अधिकारी को लिख रहे है उनके कार्यालय का पता अवश्य लिखे लिफाफे पर।
  2. पत्र लिखते समय शिष्ट भाषा और सरल भाषा का प्रयोग करना चाहिए ताकि आप जिसे भी पत्र लिख रहे है वे आपकी बात को अच्छे से समझ सकें।
  3. पत्र में जितना हो सके उतने कम शब्दों में अपनी बात को समझने का प्रयास करें अर्थात बहुत अधिक लंबा और बात को घुमा फिराकर लिखने से पढ़ने वाला व्यक्ति आपकी बात भी नहीं समझ पाएगा और शायद पढ़े ही ना।
  4. पत्र जिस भी विषय में लिखा जा रहा हो उसे पत्र के विषय वर्णन से पूर्व ही लिख दे ताकि पढ़ने वाला व्यक्ति अच्छे विषय की गंभीरता का आकलन कर अच्छे से समझ सके।

औपचारिक पत्र कितने प्रकार के होते हैं?

औपचारिक पत्र 3 प्रकार के होते हैं। जो इस प्रकार हैं:-

grammarly
नंबरहिंदीEnglish
1.व्यावसायिक पत्रBusiness Letter
2.प्रार्थना पत्रApplication
3.कार्यालयी पत्रOfficial Letter

👉 व्यावसायिक पत्र किसे कहते हैं

इस प्रकार के पत्र व्यवसाय संबधी कार्यों के लिए लिखे जाते है जैसे लेन देन से संबंधित, पैसे के लेन देन तथा प्रकाशन आदि।

👉 प्रार्थना पत्र किसे कहते है

ये पत्र विशेषत निवेदन करने के लिए किए जाते है जैसे किसी शिकायत, अवकाश, आवेदन या सुधार आदि के हेतु।

👉 कार्यालयी पत्र किसे कहते है

ये पत्र मुख्यत किसी भी समस्या या आदेश से संबंधित कार्यालयों में प्रयुक्त होते है तथा ये किसी सरकारी अधिकारी, थाना प्रभारी, स्कूल प्रधानाचार्य, बिजली विभाग आदि को लिखे जाते हैं।


प्रारूप क्या है उदाहरण सहित स्पष्ट करें?

  • 👉 सर्वप्रथम ‘सेवा में’ लिख कर पत्र प्राप्त कर्ता का पदनाम और पता अवश्य लिखे।
  • 👉 विषय जिस भी मुद्दे पर पत्र लिखा जा रहा है उसके बारे में संक्षिप्त में या एक लाइन में लिखे।
  • 👉 इसके उपरांत शिष्टाचार से ‘महोदय या महोदया’ शब्दों का प्रयोग करें।
  • 👉 उसके उपरांत विषय के बारे में सरल एवं कम शब्दों में वर्णन करना चाहिए।
  • 👉 उसके उपरांत समस्या या विषय पर निदान के लिए आग्रह करना चाहिए उदाहरण के लिए ‘महोदय से निवेदन है कि’ इस शब्द का प्रयोग करें।
  • 👉 फिर ‘धन्यवाद’ लिखकर नीचे अपना नाम पता लिखे।

How to Write Letter in Hindi

How to Write Letter in Hindi

Formal Letter Format Hindi

औपचारिक पत्र उदाहरण और प्रारूप

सेवा में,
श्रीमान (पद नाम)
कार्यालय का पता
दिनाक

विषय

महोदय,
सविनय निवेदन इस प्रकार है कि (विषय वर्णन) ..............
अतः महोदय से निवेदन है कि (निदान) ................

धन्यवाद
आपका आज्ञाकारी
(अपना नाम)
(कक्षा)
(रोल नंबर)

Formal Letter Format in Hindi

(उदाहरण 1) प्रधानाचार्य को अवकाश के लिए पत्र

सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय,

सरस्वती शिशु मंदिर, भटेलिया
जिला नैनीताल, उत्तराखंड

महोदय,

सविनय निवेदन इस प्रकार है कि मैं कक्षा 6 का विद्यार्थी हूं। कल शाम से मुझे तेज बुखार है जिसके कारण मेरे सीने में दर्द हो रहा है इस वजह से मैं विद्यालय आने में असमर्थ हूं।

अतः महोदय से निवेदन है कि मुझे 12 मार्च 2022 से 15 मार्च 2022 तक अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।

आपका आज्ञाकारी शिष्य
नाम - हिमांशु ग्रेवाल
कक्षा - 6
रोल नंबर - 1

यहां से दूसरा पत्र शुरू होता है।

कार्यालयीन पत्र क्या है उदाहरण सहित समझाइए? (उदाहरण 2)

सेवा में ,

अध्यक्ष/प्रबंधक (विभागानुसार)
कार्यालय का नाम और पता
दिनांक
विषय
संबोधन

पहला अनुच्छेद (विषय के बारे में संक्षिप्त वर्णन )

दूसरा अनुच्छेद (आग्रह)

समाप्ति (धन्यवाद )
भवदीय / भवदीया
नाम
पता
फोन नम्बर

विषय: बस में यात्रा करते समय आपका सामान खो जाता है और कंडक्टर द्वारा आपका सामान ढूंढ कर आपके घर पहुंचा दिया जाता है। इस बात से प्रसन्न होकर कंडक्टर की प्रशंशा के लिए परिवहन विभाग को एक पत्र कैसे लिखे

सेवा में,
श्री मान अध्यक्ष महोदय,
उत्तराखंड राज्य परिवहन निगम, हल्द्वानी
दिनांक: 11 मार्च 2022

विषय: चोरी हुआ बैग कंडक्टर जी के कारण पुनः प्राप्त होना

महोदय,

कल 11 मार्च 2022 को में दिल्ली से हल्द्वानी यात्रा कर रही थी और हल्द्वानी पहुंचते ही मैं अपना बैग ले जाना भूल गई। गाड़ी के बस कंडक्टर श्री सोहन लाल जी ने मेरे घर का पता ढूंढ कर मेरा बैग जिसमें मेरा आधार कार्ड, ATM Card, कुछ अन्य सामान और पैसे थे लौटा दिए। मैं मन से उनका आभार व्यक्त करना चाहती हू कि श्री सोहन लाल जी के कारण मुझे व्यर्थ की परेशानी नहीं होने दी।

अतः महोदय से निवेदन है कि श्री सोहन लाल को उनकी ईमानदारी के लिए पुरस्कृत किया जाना चाहिए और लोगों मे उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत करना चाहिए ताकि लोगों में ईमानदारी पहुंच सके।

धन्यवाद
भवदीय
आशा बिष्ट
नैनीताल उत्तराखंड
फोन नंबर २३४५....

Hindi Application Format for Office

(उदाहरण 3) लाइन बंद होने की वजह से विद्युत विभाग को पत्र

सेवा में,

सहायक अभियंता
उत्तराखंड विद्युत विभाग
नैनीताल उत्तराखंड
दिनांक: 22 मार्च 2022

विषय: बिजली बंद की समस्या

महोदय,
सविनय निवेदन इस प्रकार है कि मैं नैनीताल जनपद में रहता हु। यह पिछले ३ दिन से यहां बारिश की वजह से बिजली काटी गई थी किंतु अब बारिश की कोई समस्या नहीं हैं उसके बावजूद बिजली विभाग द्वारा लाइन बंद की गई है और लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पढ़ रहा हैं। क्योंकि बच्चों की परीक्षा नजदीक है और इससे बच्चों की पढ़ाई और यहां के लोगों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पढ़ रहा हैं।

अतः महोदय से निवेदन है कि बिजली की लाइन अतिशीघ्र शुरू कर दिए जाए और इस समस्या का निवारण करने की कृपा करें।

धन्यवाद
ग्राम प्रधान
गांव - मुक्तेश्वर
ब्लॉक - धारी
नैनीताल उत्तराखंड
पिन - २६३१३७
मोबाइल - ७८६५....
ईमेल का प्रारूप

चलिए अब जानते है कि डिजिटल रूप में जब हम पत्र लिखते है तो इसका प्रारूप कैसा होता है। ईमेल लिखते समय भी इसी प्रकार शिष्ट भाषा का प्रयोग किया जाता है और उसी प्रकार का प्रारूप भी होता है।

ईमेल क्या है किसी ईमेल पते का सामान्य प्रारूप क्या होता है?
  • » संदेश प्राप्तकर्ता का ईमेल एड्रेस सबसे ऊपर ‘To’ के सामने लिखा जाता हैं। उदाहरण के लिए ‘[email protected]’ या ‘[email protected]’ जो भी Domain हो इसी प्रकार लिखा जाता हैं।
  • » उसके बाद Subject (विषय) लिखा जाता है। जिसके बारे में आप लिख रहे है। एक संक्षिप्त वाक्य में उसे लिखना होता हैं।
  • » Body – इसमें Sir / Mam कह कर संबोधित किया जाता है।
  • » इसके उपरांत विषय के बारे में संक्षिप्त वर्णन होता हैं। जिसमें कम शब्दों में अधिक बात लिखनी होती हैं।
  • » उसके बाद ‘Thanks & Regards’ लिखकर आभार व्यक्त किया जाता हैं।
  • » नीचे अपना नाम फोन नंबर और ईमेल एड्रेस या ऑफिस एड्रेस लिखना होता हैं।
  • » यदि कोई आवश्यक डॉक्यूमेंट भेजना हो उसे आप अटैच कर सकते हैं।
Sick Leave Application Format for School, College and Office

निष्कर्ष

औपचारिक पत्र का प्रयोग आज भी होता है चाहे देश हो या विदेश। इस प्रकार हम कह सकते है कि औपचारिक पत्र की विशेषता और महत्व आज भी उतना ही है जितना पहले था और औपचारिकता कार्यालय, व्यवसाय, स्कूल या कॉलेज में होना आवश्यक भी हैं। यदि ऐसा न हो तो जो अनुशासन और नियम बने हुए है उनका पालन करवा पाना मुश्किल हो जायेगा और औपचारिकता विषय की गंभीरता को भी प्रदर्शित करती है तो विषय के स्थायित्व और गंभीरता को बने रखने के लिए औपचारिकता आवश्यक हैं। Formal Letter in Hindi

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Himanshu Grewal

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