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Mother's Day

माँ पर कविताएं: (एक कविता हर माँ के नाम)

माँ पर कविता
Written by Himanshu Grewal

माँ पर कविता 2022 (Maa Par Kavita): “मां शब्द अपने आप में बहुत अपना सा लगता हैं जब कोई बच्चा जन्म लेता हैं और दुनिया में उसे ये भी पता नहीं होता की कौन अपना हैं, कौन पराया हैं तब वो सबसे पहले जिस पर भरोसा दिखाता है वो होती हैं मां मां अपनी ममता, दुलार से बच्चे के जैसे सारे दुख हर लेती हो। मां शब्द भावनाओं से भरा हुआ है क्योंकि माँ भी भावनाओं से भरी होती है तो आज माँ पर हिंदी कविता, माँ की याद कविता लेकर आए हैं।

माँ पर कविता हिंदी में लिखी हुई

माँ ही है जो हमें चलना सिखाती है, माँ ही है जो हमें सही गलत का मतलब बताती है। अगर इस दुनिया में माँ नही होती तो हमारा कोई अस्तित्व नहीं होता। अगर हम भूखे रहते है तो माँ का पेट भी नहीं भरता, अगर हम दुखी होते है तो माँ भी दुखी हो जाती है, माँ सबसे प्यारी है जो हमसे बहुत प्यार करती है। वैसे इसमें कोई कहने की बात नहीं है कि हम सभी अपनी माँ से कितना प्रेम करते है और अपनी माँ के लिए कुछ न कुछ स्पेशल करते रहते है। उसी तरह आज मैं आप सभी बच्चों के लिए मेरी माँ पर कविताएं लेकर आया हूँ। यहाँ पर मैं आपके साथ माँ पर हिंदी कविता शेयर करूंगा।

यह जो Maa Par Kavita मैं आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ इनको आप किसी पेपर पर उतार सकते हो और मदर्स डे के दिन अपने विद्यालय में या फिर अपनी माँ के सामने जाकर Maa Ki Mamta Poem सुना सकते हो।

इस लेख को जितने भी लोग पढ़ रहे है उनसे नर्म निवेदन है कि अगर आपको माँ की ममता पर कविता पसंद आई तो आप इस पोएम को शेयर अवश्य करें और कमेंट करके अपनी विचार हमारे साथ व्यक्त करें। आइए, अब हम अपनी Hindi Poem on Maa Ki Mamta को पढ़ना शुरू करते है और अपनी माँ के सामने प्रस्तुत करते है।

कविता माँ पर पढ़ने से पहले सबसे पहले जानते है की माँ क्या है, माँ का हमारे जीवन में क्या महत्व रखता है, उसके बाद Maa Par Kavita पढ़ना शुरू करेंगे।

माँ क्या होती है?

  • माँ त्याग का प्रतीक है, अपनी इच्छाओं को मार कर अपने परिवार की इच्छाओं को पहले रखती है। तो हमें अपनी मां से त्याग की शिक्षा लेनी चाहिए।
  • माँ सबसे पहली गुरु होती है जो बच्चे को अच्छे बुरे की समझ देती है और शिष्टाचार, संस्कार और सभ्यता भी सिखाती हैं। माँ के अच्छे शिष्य बनोगे तो कभी असफलता का मुख नहीं देखना होगा।
  • माँ हमारे मान सम्मान की भी रक्षा करती हैं। तो अपनी माता के मान सम्मान की रक्षा हमें अपने द्वारा अच्छे काम करके करनी चाहिए।
  • माँ एक बहुत अच्छी मैनेजर भी होती है और हर बार घर का बजट बनाती है और उसे उसी अनुरूप चलाती भी हैं। घर में एक एक चीज का आवश्यकता के अनुसार ही चयन करके कम दाम में अच्छा समान ले कर आती है तो ये कौशल भी उनसे सीखने योग्य हैं।
  • माँ हमारे अच्छे बुरे सारे झूठ सच समझती हैं तो उनको आप अपनी बातों में उलझा नहीं पाओगे इसलिए उनसे झूठ बोलकर उन्हें दुखी नहीं करना चाहिए।

Maa Par Kavita in Hindi

मां की ममता के बारे में उसकी अच्छाइयों को शब्दों में मैं बयां कर दूं इतनी मेरी औकात नहीं क्योंकि मां, भगवान द्वारा दिया गया वह तोहफा है जिसका न तो मूल्य लगाया जा सकता है और ना ही उनके एहसानों को कभी चुकाया जा सकता है। इसलिए कहते हैं जिसके पास मां है उसके लिए यह धरती स्वर्ग है क्योंकि एक अच्छी संतान हर मां की नसीब में नहीं होती लेकिन हर संतान के नसीब में जरूर अच्छी मां होती है इसलिए जब दवा काम ना करे तो दुआ मांगती है। मां है वो जनाब वह हार कहां मानती है इसलिए जिस तरह हम भगवान की पूजा करते है ठीक उसी प्रकार हमारे दिल में मां का स्थान भगवान के समान होना चाहिए।

Best Poem on Mother in Hindi

अब मैं आपके साथ अपनी पहली Hindi Kavita on Maa शेयर करने जा रहा हूँ जिसका शीर्षक है मैं माँ को मानता हूँ. मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको माँ पर मार्मिक कविता पसंद आयेगी। तो चलिए माँ पर कविता पढ़ना शुरू करते हैं।

मैं माँ को मानता हूँ कविता

बचपन में माँ कहती थी
बिल्ली रास्ता काटे,
तो बुरा होता है
रुक जाना चाहिए.

बचपन में माँ कहती थी
बिल्ली रास्ता काटे,
तो बुरा होता है
रुक जाना चाहिए...

मैं आज भी रुक जाता हूँ
कोई बात है जो डरा
देती है मुझे..

यकीन मानो,
मैं पुराने ख्याल वाला नहीं हूँ...
मैं शगुन-अपशगुन को भी नहीं मानता...

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

दही खाने की आदत मेरी
गयी नहीं आज तक..
दही खाने की आदत मेरी
गयी नहीं आज तक..

माँ कहती थी
घर से दही खाकर निकलो
तो शुभ होता है..
मैं आज भी हर सुबह दही
खाकर निकलता हूँ...
मैं शगुन-अपशगुन को भी नही मानता....

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

आज भी मैं अँधेरा देखकर डर जाता हूँ,
भूत-प्रेत के किस्से खोफा पैदा करते हैं मुझमें,
जादू, टोने, टोटके पर मैं यकीन कर लेता हूँ|

बचपन में माँ कहती थी
कुछ होते हैं बुरी नज़र लगाने वाले,
कुछ होते हैं खुशियों में सताने वाले...
यकीन मानों, मैं पुराने ख्याल वाला नहीं हूँ...
मैं शगुन-अपशगुन को भी नहीं मानता....

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

मैंने भगवान को भी नहीं देखा जमीं पर
मैंने अल्लाह को भी नहीं देखा
लोग कहते है,
नास्तिक हूँ मैं
मैं किसी भगवान को नहीं मानता

लेकिन माँ को मानता हूँ
में माँ को मानता हूँ॥

Emotional and Sad Poem on Maa in Hindi

आशा है कि ऊपर जो माँ के ऊपर कविता है आपको पसंद आई होगी। अगर आपको Mothers Day Hindi Poem पसंद आयी है तो जो मैंने कविता माँ के लिए लिखी है इसको आप फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप्प पर शेयर भी कर सकते है। अब हमारी जो अगली मदर्स डे हिंदी पोएम है उसका शीर्षक है एक कविता हर माँ के नाम”। यह एक छोटी हिंदी कविता है जिसको स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अपनी माता के सामने या फिर स्कूल में सुना सकते है। तो चलिए शुरू करते है:-

Maa Par Kavita in Hindi

एक कविता हर माँ के नाम

घुटनों से रेंगते-रेंगते,
कब पैरों पर खड़ा हुआ,
तेरी ममता की छाँव में,
जाने कब बड़ा हुआ..

काला टीका दूध मलाई
आज भी सब कुछ वैसा है,
मैं ही मैं हूँ हर जगह,
माँ प्यार ये तेरा कैसा है?

सीधा-साधा, भोला-भाला,
मैं ही सबसे अच्छा हूँ,
कितना भी हो जाऊ बड़ा,
"माँ!" मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ।

माँ पर कविताएं (माँ पर कविता)

इस प्यारी सी कविता का शीर्षक है “माँ वो शब्द है जिसमें कायनात समाई है”

grammarly

Kavita Maa Par in Hindi

माँ वो शब्द है जिसमें कायनात समाई है

मां वो शब्द है जिसमे कायनात समाई है…
जिसकी कोख मे शुरु हुआ था जिन्दगी का सफर,
जिसकी गोद मे खोली थी आखें पहली बार,
जिसकी नजरो से ही दुनिया को देखा था, जाना था,
जिसकी उन्गलियां पकड कर चलना सीखा था पहली बार !!

उसी ने हमारी खुद से करायी थी पेह्चान,
दुनिया का समना करना भी उसी ने सिखाया,
जनम से ही दर्द से शुरु हुआ था रिश्ता हमारा,
शायद हर दर्द पे ईसीलिये निकलता है शब्द मां हर बार !!

मां की जिन्दगी होती है उसके बच्चे मे समायी,
पर बडे होते ही दूर हो जाती है राहे उसकी जिन्दगी की,
भुला देता है इस शब्द की एहमियत अपनी व्यस्तता मे कही,
फिर अचानक कही से सुनाई देती है आवाज मां,

आखें भर आती है बस धार धार !!
मां का कर्ज नही चुका सकता कभी कोई इस दुनिया मे,
भगवान से भी बडा है मां क दर्जा इस दुनिया मे,
ना होती वो तो ना बसता ये सन्सार कभी,
ना होगी वो तो भी खत्म हो जाएगा सन्सार ये सभी!!

कस्ती है इसलिये ‘मुस्कान’ जागो अब भी वक्त है,
ना करो शर्मसार अपनी जननी को, ना करो अत्याचार औरत के अस्तित्व पर,
न मारो बेटी के अन्श को यु हर बार.
नही तो इक दिन तरस जाएगा मां के एह्सास को ही ये सारा सन्सार !!
क्योंकि मां वो शब्द है जिसमे कायनात समाई है…

मैं आशा करता हूँ कि आपको माँ पर छोटी कविता पसंद आई होगी। अगर आपको माँ की ममता पर कविता के अलावा Mothers Day Wallpaper Download करने है जिसको आप मदर्स डे के दिन अपनी माँ के साथ या फिर फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप्प पर शेयर कर सके तो आप Mothers Day Images वाले लेख पर जाकर फ्री में तस्वीर डाउनलोड कर सकते हैं।

Short Maa Par Kavita

माँ को बेटी की पुकार कविता (Maa ko Beti ki Pukar)

पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.

आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.

खामोशी मेरी जुबान को  सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने  भर दिया.

अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.

वह रात  छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.

ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख  प्यार का पता था.

पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.

लगता था तू आएगी बहुत  डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.

चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.

जाना चाहती हूं  उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.

जब तेरे बिना लोरियों  कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.

अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.

खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.

Maa Ke Upar Kavita

मेरी आंखों का तारा ही, मुझे आंखें दिखाता है.
जिसे हर एक खुशी दे दी, वो हर गम से मिलाता है.

जुबा से कुछ कहूं कैसे कहूं किससे कहूं माँ हूं
सिखाया बोलना जिसको, वो चुप रहना सिखाता है.

सुला कर सोती थी जिसको वह अब सभर जगाता है.
सुनाई लोरिया जिसको, वो अब ताने सुनाता है.

सिखाने में क्या कमी रही मैं यह सोचूं,
जिसे गिनती सिखाई गलतियां मेरी गिनाता है.

Maa Poem in Hindi

माँ का त्याग हिंदी कविता (Maa ka Tyaag hindi Kavita)

तुम एक गहरी छाव है अगर तो जिंदगी धूप है माँ
धरा पर कब कहां तुझसा कोई स्वरूप है माँ

अगर ईश्वर कहीं पर है उसे देखा कहां किसने
धरा पर तो तू ही ईश्वर का रूप है माँ, ईश्वर का कोई रुप है माँ

नई ऊंचाई सच्ची है नए आधार सच्चा है
कोई चीज ना है सच्ची ना यह संसार सच्चा है

मगर धरती से अंबर तक युगो से लोग कहते हैं
अगर सच्चा है कुछ जग में तो माँ का प्यार सच्चा है

जरा सी देर होने पर सब से पूछती माँ,
पलक झपके बिना घर का दरवाजा ताकती माँ

हर एक आहट पर उसका चौक पड़ना, फिर दुआ देना
मेरे घर लौट आने तक, बराबर जागती है माँ

Maa Song | Taare Zameen Par | Shankar Mahadevan

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माँ पर प्रसिद्ध कवियों की रचनाएँ

मां का नमस्कारइसके लेखक हैं मंगलेश डबराल
ममता, मां, माता का हृदयये एक कहानी संग्रह है जो हिंदी के प्रसिद्ध कहानीकार मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित हैं।
हठ कर बैठा चांद एक दिनये कविता रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित है जो आपने अपने स्कूल में अवश्य ही पढ़ी होगी।
अम्मी का चूल्हाये रचना हिंदी के लेखक द्वारा रचित एक अच्छी रचना है जिसमें मां के चूल्हे के विषय में बताया गया हैं।

प्रश्न: हमारे जीवन में माँ का महत्व क्या है?

उत्तर: हमारे जीवन में मां के महत्व की बात करे तो इसे कुछ शब्दों में बया कर पाना संभव नहीं हैं। मां के बिना ये संसार पराया लगने लगता है, बिन मां के जीवन में जैसे कोई हमारे दुख तकलीफ जानने वाला न हो ऐसा लगता हैं जैसे कोई इंसान बेघर हो जाता है तो उसे दुनिया की ठोकरें खानी पड़ती। उसी तरह मां का साया न हो तो इंसान बेसहारा सा भटकने लगता है पर मां जैसा अपनापन कोई नहीं दे पाता। मां घर से लेकर बाहर तक सब जिम्मेदारियां निभाती है और अपना पूरा जीवन अपने पति और बच्चों को दे देती हैं। कभी कभी जरूरत पड़े तो आर्थिक रूप से भी मदद करने लगती है चाहे फिर वो जॉब करना हो या अपना खुद का कोई काम करना हो सब कर लेती है, साथ में हमारा ध्यान भी रखती हैं। अगर इस दुनिया में मां न होती तो लोगों में शायद वो इंसानियत देखने को न मिलती जो अभी बची हुई हैं।

10 Lines on Mother in Hindi

बचपन से देख रहा हूं आज भी मेरी मां अपने सभी कार्यों को बड़ी शिद्दत से करती है। कहने को तो पिता की तरह दफ्तर नहीं जाती परंतु उसकी ड्यूटी में कभी भी रविवार आता नहीं है।

साल के 365 दिनों में (सर्दी, गर्मी) में प्रातः जल्दी उठते ही घर के कार्यों में लग जाना तथा दिन भर के सभी कार्यों को बड़ी ही लगन के साथ करना, सास-ससुर का ध्यान रखना, बच्चों का ख्याल रखना, पति को मनाना, घर के सभी सदस्यों की भावनाओं को समझना आसान तो बिल्कुल भी नहीं। कभी-कभी तो मानों लगता है अगर जिंदगी में मां नहीं होती तो यह जीवन कितना बेरंग और कठिन हो जाता इसलिए किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में मां वह सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है जिसे हम भले ही सुख के पलों में भूल जाएं लेकिन जब भी दुख आता है सबसे पहले मां का ही नाम जुबान से निकलता है। मेरे सिर पर मेरी माँ का आशीर्वाद है, वरना यह मतलबी दुनिया हमें कब का मार देती।

My Mother Essay 10 Lines in Hindi

1.धरती में अगर किसी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है तो वो होती हैं मां
2.दुनिया में अगर कोई है जो हमसे सच्चा प्यार करे तो वो केवल मां हैं।
3.मां के जितना विशाल हृदय किसी का नहीं होता जो बच्चे की हर गलती को माफ भी करे और बच्चे की कुछ गलतियां छिपा भी दे।
4.एक मां बच्चे को जब जन्म देती है तो कम से कम २० हड्डी एक साथ टूटने जितनी पीड़ा वो सहती है। यदि साइंटिस्ट की माने तो कम से कम ५७ डेल। जब की एक पुरुष ४५ डेल ही सहन कर सकता हैं।
5.मां दुनिया में सबसे बड़ी समाज निर्माता हैं। वो बिना किसी तनख्वाह के दिन रात हमारे लिए काम करती है और हम ये ऋण जन्म जन्म तक चुका नहीं पाएंगे।
6.यदि किसी के पास मां है तो मानो स्वयं ईश्वर उसके साथ हैं जो उस इंसान को सही रास्ता दिखा रहे हो।
7.खुद पुराने कपड़े पहन कर हमें नए कपड़े पहनने वाली मां ही होती हैं।
8.मां अपने बच्चे को मुसीबत में देख कर किसी से भी लड़ जाती है फिर आगे कितना ही ताकतवर और बड़ा दुश्मन क्यों न हो मां से कोई नहीं जीत सकता।
9.जब भी हम कभी दुखी होते है, परेशान होते हैं, एक मां ही होती है जो न जाने कैसे जान जाती है की हमें परेशानी है और हमेशा हमारे साथ खड़ी रहती हैं।
10.स्वयं भगवान ने भी कहा है की माता से बड़ा इस दुनिया में और कोई नहीं हैं। “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” यानी जन्म देने वाली माता और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं।
माँ शायरी
प्रत्येक दिन गिन लेती है मेरे बगैर गुजारे दिनों को
भला कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी...
Maa Shayari 2 Lines
किसी भी ​मुश्किल का हल आज इसीलिए नहीं मिलता
​शायद अब पहले की तरह माँ के पैर छूकर नहीं निकलता!
माँ इन हिंदी शायरी
न जाने क्यों ये जिद्दी इंसान
इस बात से अनजान
छोड़ देते हैं बुढ़ापे में जिसे
वो माँ तो हमारे लिए एक वरदान है।
Maa Pe Kavita in Hindi
माँ से बढ़कर कोई नाम क्या होगा
इस नाम का हमसे एहतराम क्या होगा
जिसके पैरों के नीचे जन्नत है
उसके सिर का मुकाम क्या होगा।
Poem for Maa in Hindi
अभी ज़िन्दा है मां मेरी
भरोसा है मुझे कु्छ भी नहीं होगा
मैं जब घर से निकलता हूं
दुआ भी साथ चलती है।
हिंदी कविता माँ पर
ख़्वाहिश है मेरी
कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊं
मां से इस तरह लिपट जाऊं
कि बच्चा बन जाऊं...
माँ की याद कविता
साथ छोड़ देती है दुनिया
पर वो साथ चलती है,
कैसे भी हो हालात
माँ की ममता नहीं बदलती है।
Hindi Maa Shayari
वो लाख छिपाए परेशानियां जो उसे जकड़ लेती हैं,
माँ तो मां होती है औलादों की खामोशियाँ को पढ़ लेती है।
Maa Ki Kavita in Hindi
मैं रात भर जन्नत की सैर करता रहा यारों,
सुबह आँख खुली तो सर ‘माँ’ के कदमो में था..
Maa Status in Hindi 2 Line
हर पल में ख़ुशी देती है माँ,
अपनी ज़िंदगी से जीवन देती है माँ..
माँ बेटी का रिश्ता कविता
भगवान कौन है माँ की पूजा करो बस आप
क्योंकि भगवान को भी जन्म देती है माँ..
माँ की याद में पंक्तियाँ
फना कर दो अपनी सारी ज़िन्दगी,
अपनी ‘माँ’ के कदमो में यारो..
दुनिया में यही एक सच्ची मोहब्बत है।
माँ पर साहित्यिक कविता
हालातों के आगे जब साथ
न जुबाँ होती है,
पहचान लेती है
ख़ामोशी में हर दर्द
वो सिर्फ “माँ” होती है।
Maa Ke Liye Kavita
तेरे ही आँचल में निकला बचपन,
तुझसे ही तो जुड़ी हर धड़कन,
कहने को तो माँ सब कहते है तुझे
पर मेरे लिए तो तू भगवान है।
Maa Hindi Kavita
जब भी बैठता हूँ तन्हाई में
मैं तो उसकी यादें रुला देती हैं,
आज भी जब आँखों में नींद न आये
तो उसकी लोरियां
मुझे झट से सुला देती हैं।
Maa Par Kavita in Hindi
जब भी मेरे होठों पर झूठी मुस्कान होती है,
माँ को न जाने कैसे छिपे हुए दर्द की पहचान होती है,
सर पर हाथ फेरते ही दूर हो जाती है परेशानियाँ
सच है माँ की भावनाओं में बहुत जान होती है।
माँ पर कविता
गम हो, दुःख हो या खुशियाँ
माँ जीवन के हर किस्से में साथ देती है,
खुद सो जाती है वो भूखी
पर बच्चों में रोटियां अपने हिस्से की बाँट देती है।
माँ पर कुछ पंक्तियाँ
कैसे भुला दूँ मैं अपने पहले प्यार को
कैसे तोड़ दूं उसके ऐतबार को,
सारा जीवन उसके चरणों में न्योछावर कर दूँ
छोड़ दूँ उसकी खातिर मैं इस संसार को।

माँ पर कविता का लेख यही पर खत्म होता है, आपको माँ पर कविताएं कैसी लगी हमको कमेंट करके जरूर बताए और इस लेख को सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूले।

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About the author

Himanshu Grewal

10Lines.co एक हिंदी ब्लॉग है, यहां आपको 10 Lines से संबंधित जानकारी मिलेगी। इसके अलावा निबंध (Essay), भाषण (Speech), कविता (Poem) भी पढ़ने को मिलेगा।

39 Comments

  • काफी अच्छी पोस्ट थी भाई…..
    मेने भी मेरे एक दूसरे ब्लॉग पे एल मैसेज लिखा है और शायरी लिखी है मातृ दिन के लिए। dekhna jarur bhai…

    • आपने बस शायरी ही लिखी है कुछ एक्स्ट्रा वर्ड नही लिखे है, आर्टिकल को थोडा और लॉन्ग लिखो 🙂 वेसे आपकी टेम्पलेट बहुत अच्छी है.

  • Poems were nice but not up to what i wanted.. Please don’t take it in negative tone.. I wanted poems which were more creative himanshu grewal..

  • Sir, mai bhi poetry lekin ka aadi hu, so sir kya app mujhe bata sakte hai ki, sir yadi hum apni kavita ko kisi blog or YouTube or other social network per upload karte hai to sir usme hamari poetry chori bhi ho Sakti hai kya? To kya bina book chape meri poetry ki ise post karna sahi hai galat

    • Kavita, Poetry ऐसी चीज है जिसको कोई भी कॉपी कर सकता है, जैसे अपने एक कविता लिखी और अपने ब्लॉग पर बना पब्लिश करदी और किसी और को आपकी कविता अच्छी लगी तो वो भी अपने ब्लॉग पर लिख सकता है थोड़े बहुत वर्ड चेंज करके इसमें कॉपीराइट नही होता. आप YouTube पर भी अपलोड कर सकते हो.

  • Himanshu ji मुझे आपसे एक रिक्वेस्ट करनी थी प्लीज आप के पास बहुत सारे मां के ऊपर भी रचनाएं होंगे उनमें से कोई एक रचना क्या आप मुझे भेज सकती है क्योंकि मेरी मां का मैं महीने में जन्म दिन है 50 वा तो मैं उन्हें एक फोटो फ्रेम गिफ्ट करना चाहती हूं लेकिन उस फोटो फ्रेम के लिए मुझे एक कविता की जरूरत है जो मां के ऊपर लिखी गई हो बहुत ही खूबसूरत हो और मुझे ऐसा लगा कि शायद वह कविता मुझे आपसे मिल सकती है तो क्या आप मुझे ऐसी एक कविता भेज सकते है मैं आपकी बहुत आभारी रहूंगी

  • स्याही खत्म हो गयी “माँ” लिखते-लिखते
    उसके प्यार की दास्तान इतनी लंबी थी।

  • आपकी पोस्ट बहुत अच्छी थी।

    पढ़कर अच्छा लगा।

    इसे हमारे समक्ष रखने के लिए धन्यवाद !

  • फिर यही गोद मिले फिर यही जहां मिले
    मुझे हर जन्म मैं यही मां मिले

    बहुत ही अच्छा लिखा है आपने

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