Advertisement
Republic Day निबंध

गणतंत्र दिवस 2022 पर निबंध

गणतंत्र दिवस पर निबंध
Written by Himanshu Grewal

नमस्ते, 10Lines.co में आज हम गणतंत्र दिवस पर निबंध प्रस्तावना उपसंहार सहित अर्थात “in English, Essay on Republic Day in Hindi‘ पढ़ने जा रहे हैं। तो लेख को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ें और गणतंत्र दिवस पर भाषण [Republic Day Speech in Hindi], गणतंत्र दिवस पर निबंध 10 लाइन, गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?, गणतंत्र दिवस 2022 के मुख्य अतिथि, गणतंत्र दिवस का इतिहास, इत्यादि की जानकारी प्राप्त करें।

गणतंत्र दिवस पर निबंध हिंदी में

बच्चों और बड़ों दोनों को ध्यान में रखते हुए हमने Gantantra Diwas Par Nibandh लिखा है जैसे कि बच्चों के लिए गणतंत्र दिवस पर निबंध 250 शब्द, 300 शब्द और 500 शब्द में पढ़ने को मिलेगा और बड़ों के लिए 26 January Essay in Hindi 1000 Words में पढ़ने को मिलेगा। तो चलिये, ज्यादा देरी न करते हुए Ganatantra Divas Per Nibandh को पढ़ना शुरू करते हैं।


हमारा प्रथम Gantantra Diwas Essay in Hindi यहाँ से शुरू होता हैं।

Essay Speech on Republic Day in Hindi

हमारे देश में हर साल 26 जनवरी के दिन पूरे देश में हंसी खुशी और हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस का त्यौहार मनाया जाता है जिसके पीछे मुख्य वजह वर्ष 1950 में 26 जनवरी के दिन हमारे देश का एक गणतांत्रिक राष्ट्र घोषित होना है। वर्ष 1949 में भारतीय संविधान को संविधान सभा ने स्वीकार किया था और इसके अगले ही वर्ष यानी कि साल 1950 में 26 जनवरी के दिन भारतीय संविधान को लागू किया गया और तब से भारतीय संविधान के तहत ही हमारे देश में नियम कानून बनाए जा रहे है और इसी के कारण हर साल 26 जनवरी को पूरे देश में सेलिब्रेट किया जाता है।

जब हमारा भारत देश अंग्रेजों की गुलामी से साल 1947 में आजाद हो गया था तो वर्ष 1947 में ही 28 अगस्त के दिन एक मीटिंग का आयोजन देश के बड़े नेताओं एवं स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किया गया था और इसी मीटिंग में भारतीय संविधान के प्रारूप के ऊपर चर्चा की गई थी और इसके बाद डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी।

हर साल गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत कर दी जाती है क्योंकि गणतंत्र दिवस को देश कि राजधानी दिल्ली में काफी बड़े पैमाने पर सेलिब्रेट किया जाता है। गणतंत्र दिवस पर हर साल सेना की अलग अलग रेजीमेंट के द्वारा इंडिया गेट पर परेड निकाली जाती है। इसके अलावा भारतीय सेना भी अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन इंडिया गेट पर करती है।

गणतंत्र दिवस पर हर साल विभिन्न देशों के बड़े-बड़े नेता भारत के मेहमान बनते है और वह भारतीय राष्ट्रपति के साथ गणतंत्र दिवस का आनंद उठाते हैं। गणतंत्र दिवस मुख्य तौर पर दिल्ली के राजपथ में आयोजित होता है, जहां पर गिने चुने लोगों को ही इस गणतंत्र दिवस में शामिल होने का न्योता दिया जाता है।

एक देशभक्त और सच्चा भारतीय होने के नाते देश के हर व्यक्ति का यह फर्ज बनता है कि वह हमेशा अपने देश के प्रति ईमानदार रहे और अपने देश की अखंडता के लिए काम करें। जिम्मेदार नागरिक होने के कारण हमारा यह फर्ज बनता है कि हम किसी भी प्रकार की विकट परिस्थिति में अपने देश का साथ और अपने देश के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे, क्योंकि अपने देश की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी हमारी और आपकी ही है, क्योंकि हम और आप से ही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है

grammarly

धन्यवाद, निबंध यहां पर समाप्त होता है।

नीचे दूसरा 26 जनवरी पर निबंध शुरू होता है।


Gantantra Diwas Par Nibandh

गणतंत्र दिवस को अंग्रेजी भाषा में रिपब्लिक डे (Republic Day) कहा जाता है। यहीं वह दिन होता है जिस दिन हर भारतवासी के दिल में देशभक्ति का जज्बा 200 गुना ज्यादा हो जाता है। इसी दिन हमारे देश में वर्ष 1950 में 26 जनवरी के दिन भारतीय संविधान को लागू किया गया था और इसी की खुशी में साल 1950 से लगातार हमारा देश 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस को मनाता आ रहा है।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या से ही टीवी पर देश भक्ति से संबंधित अनेक फिल्में तथा संगीत आने चालू हो जाते है फिर गणतंत्र दिवस की सुबह दिल्ली के राजपथ पर काफी विशाल कार्यक्रम का आयोजन देखने को मिलता है जिसमें हर साल अन्य देश के कुछ सम्माननीय मेहमान भी शामिल होते हैं। इसके अलावा दिल्ली के इंडिया गेट पर सेना अपना कर्तव्य दिखाती है, साथ ही भारत में जितने भी राज्य है उनकी झांकी भी इंडिया गेट पर निकाली जाती है। इस दिन चाहे प्राइवेट कॉलेज हो, गवर्नमेंट कॉलेज हो या फिर स्कूल सभी में कुछ ना कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन अवश्य होता है जिसमें बच्चे भाषण देते हैं, निबंध लेखन करते हैं और नाटक प्रस्तुत करते हैं।

गणतंत्र दिवस पर होने वाले कार्यक्रम इस दिन की खासियत को और भी ज्यादा बढ़ा देते हैं। लाखों लोग अपने अपने तरीके से गणतंत्र दिवस को सेलिब्रेट करते हैं। गणतंत्र दिवस पर पूरे दिन टीवी पर दिल्ली में चलने वाले गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की खबरें आती रहती है। इस प्रकार जो लोग वहां नहीं जा पाते है वह घर पर ही बैठ कर गणतंत्र दिवस की जानकारी प्राप्त करते हैं।

गणतंत्र दिवस की शुरुआत सबसे पहले राष्ट्रपति के द्वारा तिरंगा झंडे को फहराकर होती है। इसके बाद वहां पर उपस्थित सभी लोग राष्ट्रगान गाते हैं। इसके बाद सेना की परेड चालू होती है। इसके बाद इंडियन आर्मी की तीनों सेनाओं के द्वारा भारत के राष्ट्रपति को सलामी दी जाती है, साथ ही कई खतरनाक हथियारों की प्रदर्शनी भी दिल्ली के इंडिया गेट पर आयोजित की जाती है।

गणतंत्र दिवस पर हर भारतवासी को अपनी प्यारी भारत माता से यह वादा करना चाहिए कि वह कभी भी उस पर विकट परिस्थिति नहीं आने देगा, ना ही वह कभी भी अपने देश के साथ गद्दारी करेगा, वह जिंदगी भर अपने देश के प्रति वफादारी निभाएगा और हमेशा अपने देश की उन्नति के लिए काम करेगा और अपने देश को हमेशा हर प्रकार से आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।

धन्यवाद, हमारा निबंध यहाँ पर समाप्त होता है।


26 January 2022 Republic Day Essay in Hindi

गणतंत्र दिवस पर निबंध 2022 – भारत हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस बहुत गर्व और उत्साह के साथ मनाते है। यह एक ऐसा दिन है जो हर भारतीय नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। यह उस दिन को दर्शाता है जब भारत वास्तव में स्वतंत्र हो गया और लोकतंत्र को गले लगा लिया। दूसरे शब्दों में, यह वह दिन है जिस दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। स्वतंत्रता के 3 साल बाद 26 जनवरी 1950 को हम एक संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक गणराज्य बन गए।

भारतीय गणतंत्र दिवस इतिहास

जबकि हमें 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी, हमारे देश में अभी भी एक ठोस संविधान का अभाव था। इसके अलावा, भारत के पास कोई विशेषज्ञ और राजनीतिक शक्तियां नहीं थी जो राज्य के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती। उस समय तक, 1935 का भारत सरकार अधिनियम मूल रूप से शासन करने के लिए संशोधित किया गया था, तथापि, यह अधिनियम औपनिवेशिक शासन के प्रति अधिक झुक गया था। इसलिए, एक विशेष संविधान बनाने की सख्त जरूरत थी, जो भारत के लिए खड़ा हो।

इस प्रकार, डॉ भीमराव आंबेडकर ने 28 अगस्त, 1947 को एक संविधान मसौदा समिति का नेतृत्व किया। मसौदा तैयार करने के बाद इसे 4 नवंबर, 1947 को उसी समिति द्वारा संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया। यह पूरी प्रक्रिया बहुत विस्तृत थी और इसे पूरा करने में 166 दिन लगे। इसके अलावा समिति द्वारा आयोजित सत्रों को जनता के लिए खुला रखा गया था। चुनौतियों और कठिनाइयों से कोई फर्क नहीं पड़ता, हमारी संवैधानिक समिति ने सभी के अधिकारों को शामिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसका उद्देश्य सही संतुलन बनाना था ताकि देश के सभी नागरिक अपने धर्मों, संस्कृति, जाति, लिंग, पंथ और अधिक से संबंधित समान अधिकारों का आनंद ले सकें

आखिर में उन्होंने 26 जनवरी 1950 को देश को आधिकारिक भारतीय संविधान प्रस्तुत किया। इसके अलावा, भारत संसद का पहला सत्र भी इसी दिन आयोजित किया गया था। इसके अलावा 26 जनवरी को भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए। इस प्रकार यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ब्रिटिश शासन के अंत और भारत के गणतंत्र राज्य के रूप में जन्म लेता है।

गणतंत्र दिवस समारोह के लिए निमंत्रण पत्र

भारतीय हर साल 26 जनवरी को बहुत उत्साह और जोश के साथ मनाते हैं। इस दिन लोग अपने धर्म, जाति, पंथ, लिंग और बहुत कुछ भूल जाते हैं। यह पूरे देश को एक साथ लाता है। यह वास्तव में हमारे देश की विविधता को दर्शाता है। भारत की राजधानी नई दिल्ली इसे एक गणतंत्र दिवस परेड के साथ मनाती है जो भारतीय सेना की ताकत और हमारे देश की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करती है। ये परेड अन्य शहरों में भी होते हैं, जहाँ बहुत सारे स्कूल भाग लेते हैं। बच्चों को इतने प्रयास में देखकर खुशी होती है। जिस तरह से वे परेड की कृपा करते है वह अपने देश पर गर्व करता है।

हम इस दिन राष्ट्रीय ध्वज को फहराते हैं। नई दिल्ली में, भारत के राष्ट्रपति ने हमारे राष्ट्रीय ध्वज को फहराया, 21 तोपों की सलामी के साथ सैन्य बैंड द्वारा बजाए गए राष्ट्रगान जन गण मन के साथ इसका पालन किया जाता है। इसके अलावा, स्कूलों में मार्च पास्ट होता है और हर छात्र को समारोह में भाग लेना अनिवार्य होता है। कई स्कूलों में वे इस दिन मिठाई भी वितरित करते हैं। जबकि यह बहुत खुशी का दिन है। हमें स्वतंत्रता के उस संघर्ष को नहीं भूलना चाहिए जिसमें हमारे पूर्वजों ने हिस्सा लिया था। इसके अलावा, यह स्वतंत्रता की भावना का जश्न मनाने और भारत को भविष्य में अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद करने के लिए सुनिश्चित करने का दिन है।

धन्यवाद


FAQs

प्रश्न: Why do we celebrate Republic Day in Hindi

उत्तर: हम गणतंत्र दिवस मनाते है क्योंकि यह वह दिन था जब भारत का संविधान लागू हुआ था।

प्रश्न: In which year was the constitution of India formed?

उत्तर: 26 जनवरी 1950 को आधिकारिक भारतीय संविधान देश के सामने प्रस्तुत किया गया था।

प्रश्न: What is the reason of celebrating Republic day on January 26 in India

उत्तर: भारत का स्वतंत्रता दिवस ब्रिटिश शासन से अपनी स्वतंत्रता का जश्न मनाता है, गणतंत्र दिवस अपने संविधान के लागू होने का जश्न मनाता है। समिति द्वारा एक मसौदा संविधान तैयार किया गया और 4 नवंबर 1947 को संविधान सभा को प्रस्तुत किया गया।

प्रश्न: What is difference between Republic Day and Independence Day in Hindi?

उत्तर: स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के बीच मुख्य अंतर यह है कि स्वतंत्रता दिवस उस दिन को संदर्भित करता है जिस दिन किसी देश ने औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की है या किसी अन्य राष्ट्र के शासन से मुक्त हुआ है जबकि गणतंत्र दिवस उस दिन को संदर्भित करता है जब कोई देश गणतंत्र बन गया है।

प्रश्न: How is Republic Day celebrated in Delhi?

उत्तर: Delhi Republic Day Parade भारत में गणतंत्र दिवस समारोह को चिह्नित करने वाली सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण परेड है। परेड हर साल 26 जनवरी को राजपथ, नई दिल्ली में होती है। यह भारत के गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य आकर्षण है, जो 3 दिनों तक चलता है।

प्रश्न: First Republic Day of India

उत्तर: भारतीय गणतंत्र का इतिहास 26 जनवरी 1950 से शुरू होता है। यह देश 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश राष्ट्रमंडल के भीतर एक स्वतंत्र राष्ट्र बन गया।

गणतंत्र दिवस का निबंध पढ़ कर आपको कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताएं और इस गणतंत्र दिवस पर निबंध (Republic Day Essay in Hindi) को अन्य सभी लोगों के साथ साझा करें। धन्यवाद

About the author

Himanshu Grewal

10Lines.co एक हिंदी ब्लॉग है, यहां आपको 10 Lines से संबंधित जानकारी मिलेगी। इसके अलावा निबंध (Essay), भाषण (Speech), कविता (Poem) भी पढ़ने को मिलेगा।

Leave a Comment

close